आईपीएल 2025 जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने बेंगलुरु में विक्ट्री परेड का आयोजन किया था। लेकिन इस जश्न का माहौल अचानक भगदड़ में तब्दील हो गया। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हो गए। इस घटना के बाद न सिर्फ कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के दो अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया, बल्कि एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अब जांच के घेरे में RCB की मैनेजमेंट भी आ गई है।
दरअसल बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक, हर फ्रेंचाइज़ी को पब्लिक सेफ्टी, कानून व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर विशेष प्रावधानों का पालन करना होता है। ऐसे में अगर जांच में RCB की मैनेजमेंट की लापरवाही साबित होती है, तो बीसीसीआई के पास कड़ा फैसला लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
इस कारण से हो सकती है टीम बैन
वहीं सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई की लीगल टीम ने आरसीबी के कॉन्ट्रैक्ट और उससे जुड़े सुरक्षा प्रावधानों की समीक्षा शुरू कर दी है। अगर यह पाया जाता है कि टीम ने आयोजन के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए थे या अनुमति के नियमों का उल्लंघन किया, तो टीम को IPL 2026 से बैन किया जा सकता है या उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर भी साल 2016 में सट्टेबाजी विवाद के चलते दो साल का बैन लगाया गया था। ऐसे में RCB पर भी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
RCB की छवि पर बड़ा असर
दरअसल RCB की जीत से फैंस खुश थे, लेकिन हादसे ने इस खुशी को गहरा सदमा बना दिया। यह घटना न सिर्फ दुखद है, बल्कि यह घटना ब्रांड RCB की छवि पर भी गहरा असर डाल सकती है। सोशल मीडिया पर पहले ही लोगों ने इस लापरवाही के लिए टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि RCB को इस हादसे के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देना चाहिए। इसके साथ ही टीम को इस बात का भी सबूत देना होगा कि आयोजन की पूरी जिम्मेदारी उनकी नहीं थी या सुरक्षा का प्रबंध उन्होंने राज्य सरकार के सहयोग से किया था। ऐसे में अगर टीम ऐसी सफाई नहीं दे पाती, तो बीसीसीआई को न केवल अपनी साख बचाने, बल्कि पब्लिक सेफ्टी के लिहाज से भी एक सख्त कदम उठाना पड़ सकता है।






