भारतीय महिला टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। दरअसल, वो म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल के साथ पहले अपनी सगाई और फिर शादी को लेकर चर्चा में आई थी। इंगेजमेंट के बाद दोनों के वेडिंग फंक्शन भी शुरू हो चुके थे लेकिन संगीत के बाद अचानक ही परेशानी होने और शादी रोके जाने की खबरें सामने आने लगी थी।

इस कपल की शादी को लेकर फैंस के बीच काफी एक्साइटमेंट थी लेकिन जब यह सामने आया कि वेडिंग रोक दी गई है तो सभी हैरान हो गए थे। पहले बताया गया था की स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने की वजह से शादी कुछ समय के लिए रोकी गई है। इसके कुछ समय बाद दोनों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शादी की पोस्ट डिलीट कर एक दूसरे को अनफॉलो कर दिया था। कुछ ही समय में यह जानकारी सामने आई कि शादी कैंसिल कर दी गई है। अब इन खबरों पर स्मृति को पहली बार चुप्पी तोड़ते देखा गया।

शादी टूटने पर स्मृति मंधाना का रिएक्शन

शादी टूटने के बाद पहली बार स्मृति का पब्लिक अपीरियंस देखने को मिला। वेब प्रोग्राम में शामिल हुई जहां उन्होंने कहा कि “पिछले 12 सालों में उन्हें एक बात सबसे ज्यादा समझ आई है और वह यह है कि उन्हें क्रिकेट से ज्यादा कुछ भी पसंद नहीं है।” बता दें कि 2013 में भारत की ओर से डेब्यू करने के बाद वो लगातार देश के लिए खेल रही हैं। टीम में अपनी मौजूदगी के साथ वह विश्व कप भी जीत चुकी हैं।

कैंसिल कर दी गई शादी

कुछ दिनों पहले ही स्मृति ने सोशल मीडिया के जरिए इस बारे में जानकारी दी थी कि उनके और पलाश के परिवार की सहमति से शादी को रद्द किया गया है। 7 दिसंबर को इंस्टा स्टोरी पर छोटा सा बयान जारी करते हुए उन्होंने लोगों से प्राइवेसी की मांग की थी और कहा था कि वह इस मामले को बढ़ाना नहीं चाहती।

अपनी शादी खत्म करने के बाद अब उन्हें कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए देखा गया। यहां पर क्रिकेटर ने कहा कि “मुझे क्रिकेट से ज्यादा कुछ भी पसंद नहीं है। इंडिया की जर्सी सबसे बड़ी प्रेरणा है। इसे पहनने के बाद आप अपनी सारी परेशानी एक तरफ रख देते हैं और यह आपके जीवन पर ध्यान लगाने में मदद करती है।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि “वह भारत के लिए बड़े खिताब जीतने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। यहां उन्हें अपने डेब्यू से लेकर विश्व कप जीतने तक की बात करते हुए देखा गया। स्मृति ने बताया कि उन्हें बचपन से ही बल्लेबाजी का जुनून था और मन में एक सपना था कि एक दिन लोग उन्हें वर्ल्ड चैंपियन कहेंगे। भारतीय उप कप्तान के मुताबिक इस जीत का वह बहुत इंतजार कर रहे थे। मैच से पहले उन्होंने सपने को सच होते हुए देखा था। जब वह पल सामने आया तो रोंगटे खड़े हो गए।” क्रिकेटर के मुताबिक वर्ल्ड कप ने उन्हें दो बातें सिखाने का काम किया। पहली यह की हर पारी शून्य से शुरू होती है। दूसरी यह कि हमें अपने लिए नहीं टीम के लिए खेलना चाहिए।