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टेम्बा बावुमा की कप्तानी में एक भी टेस्ट नहीं हारी साउथ अफ्रीका, क्या इतिहास रच पाएंगे?

Written by:Rishabh Namdev
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टेस्ट फॉर्मेट में टेम्बा बावुमा का रिकॉर्ड हैरान कर देने वाला है। उनकी कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने अब तक एक भी टेस्ट नहीं हारा है। टीम सीधे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां अब उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया जैसी ताकतवर टीम से है। अब सवाल है कि क्या बावुमा की जीत की लय जारी रहेगी?
टेम्बा बावुमा की कप्तानी में एक भी टेस्ट नहीं हारी साउथ अफ्रीका, क्या इतिहास रच पाएंगे?

टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीकी टेस्ट टीम शानदार फॉर्म में है। उनके कप्तान बनने के बाद टीम ने जो लय पकड़ी है, वो अब तक नहीं टूटी। बावुमा ने अब तक 9 टेस्ट मैचों में टीम की अगुआई की है, जिसमें से 8 मुकाबले साउथ अफ्रीका ने जीते हैं और एक मैच ड्रॉ रहा है। यानी अब तक कोई भी टेस्ट मैच उनकी कप्तानी में टीम नहीं हारी। यही कारण है कि इस बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल को लेकर फैन्स में भारी उम्मीदें हैं।

दरअसल टेम्बा बावुमा का बतौर टेस्ट कप्तान रिकॉर्ड बाकी दिग्गजों से अलग है। जहां बाकी कप्तानों को एक-दो हारों का सामना करना पड़ा, वहीं बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका अजेय रही है। 9 में से 8 जीत और एक ड्रॉ का आंकड़ा अपने आप में एक बड़ा संकेत है कि टीम एक ठोस रणनीति और आत्मविश्वास के साथ खेल रही है।

अब एक बार फिर ट्रॉफी जीतने का मौका

टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करना आसान नहीं होता, लेकिन बावुमा ने टीम को सिर्फ जीत ही नहीं दिलाई, बल्कि दबाव के हालात में भी संयम बनाए रखा। ये वही साउथ अफ्रीकी टीम है जिसे पहले बड़ा मैच आते ही कमजोर मान लिया जाता था। लेकिन अब जब तक कप्तान बावुमा हैं, विरोधी टीम को हर मैच में सोच-समझकर उतरना होगा। यही वजह है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को सतर्क रहना होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला बेहद खास है, खासतौर पर टेम्बा बावुमा और साउथ अफ्रीका के लिए। 2024 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ हार के बाद साउथ अफ्रीका एक और आईसीसी खिताब से चूक गई थी। लेकिन इस बार टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

ऑस्ट्रेलिया एक बेहद मजबूत टीम

दरअसल ऑस्ट्रेलिया की टीम हालांकि अनुभवी है, और पैट कमिंस की कप्तानी में कई बड़े खिताब जीत चुकी है, लेकिन बावुमा की अगुवाई में साउथ अफ्रीका का आत्मविश्वास चरम पर है। अगर इस बार टीम फाइनल जीत जाती है, तो ये जीत न सिर्फ बावुमा की कप्तानी का प्रमाण होगी, बल्कि दशकों से ट्रॉफी के लिए तरसती साउथ अफ्रीकी टीम का सपना भी पूरा हो जाएगा। खास बात ये है कि बावुमा खुद मैदान पर शांत और फोकस्ड रहते हैं, लेकिन टीम को लड़ने और जीतने का जज़्बा देते हैं। अब देखना होगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भी उनका जीत का सिलसिला बरकरार रह पाता है या नहीं।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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