अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान आगा पर बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे मैच के दौरान हुए रन आउट विवाद के बाद बड़ी कार्रवाई की है। सलमान को आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। यह सज़ा उन्हें रन आउट होने के तरीके पर नहीं, बल्कि उसके बाद उनके व्यवहार के लिए दी गई है।
पाकिस्तान ने यह मैच डकवर्थ लुईस नियम के तहत 128 रनों से जीत लिया था, लेकिन मैच का मुख्य आकर्षण सलमान आगा का रन आउट और उसके बाद हुआ घटनाक्रम रहा। सलमान ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, इसलिए इस मामले में किसी भी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
मैदान पर आखिर हुआ क्या था?
यह पूरा विवाद पाकिस्तानी पारी के 39वें ओवर में हुआ। बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज गेंदबाजी कर रहे थे और क्रीज पर मोहम्मद रिजवान थे, जबकि सलमान आगा नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े थे। रिजवान के शॉट को रोकने के प्रयास में गेंदबाज मेहदी हसन और सलमान आगा के बीच टक्कर हो गई।
इस दौरान सलमान अपनी क्रीज से काफी बाहर निकल आए थे। जब गेंद उनके पास गिरी, तो क्रीज में वापस लौटने की जगह वह गेंद उठाने के लिए झुक गए। इसी मौके का फायदा उठाते हुए मेहदी हसन ने तेजी से गेंद उठाकर स्टंप्स पर मार दी और सलमान रन आउट हो गए। इस तरह से आउट होने के बाद सलमान ने गुस्से में अपने दस्ताने और बैट जमीन पर फेंक दिए, जो आईसीसी के नियमों का उल्लंघन था।
ICC ने क्यों सुनाई सज़ा?
आईसीसी ने अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि सलमान आगा को आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का दोषी पाया गया है। यह नियम क्रिकेट उपकरणों, कपड़ों, या ग्राउंड के साजो-सामान के दुरुपयोग से संबंधित है।
खिलाड़ी द्वारा मैदान पर इस तरह का गुस्सा दिखाना और उपकरणों को फेंकना खेल भावना के खिलाफ माना जाता है। इसी व्यवहार के कारण उन पर मैच फीस का 50% जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट की कार्रवाई की गई है। हालांकि सलमान का मानना था कि बांग्लादेशी टीम को खेल भावना दिखानी चाहिए थी, लेकिन आईसीसी ने उनके खुद के व्यवहार पर यह फैसला सुनाया।






