भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर होना है. जहां टीम इंडिया अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं जीत सकी है। इसी बीच सुनील गावस्कर का एक बयान फिर चर्चा में है जिसमें उन्होंने इस मैदान पर 57 रन की पारी को अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक बताया था।
57 रन की पारी को वो अब भी बेहद खास
असल में सुनील गावस्कर ने 1971 में टेस्ट करियर की शुरुआत की थी और वेस्टइंडीज दौरे पर 774 रन बनाकर क्रिकेट जगत में धमाल मचा दिया था। इसके बाद इंग्लैंड में खेले गए छह टेस्ट पारियों में वह सिर्फ 144 रन बना पाए। लेकिन मैनचेस्टर टेस्ट में बनाई गई 57 रन की पारी को वो अब भी बेहद खास मानते हैं. क्योंकि यह कठिन हालात में खेली गई थी।
2014 में ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बातचीत में गावस्कर ने इस पारी को याद करते हुए बताया था कि जब वह अशोक मांकड़ के साथ ओपनिंग करने उतरे थे तब पिच बेहद हरी थी मौसम में ठंडक थी और हल्की बूंदाबांदी भी हो रही थी। उन्होंने कहा हमने कभी इतनी हरी पिच नहीं देखी थी। मौसम के कारण पिच में नमी थी और गेंद काफी मूव कर रही थी।
सबसे खतरनाक गेंदबाजों का सामना
इस पारी में उन्हें इंग्लैंड के दो तेज गेंदबाजों पीटर लीवर और प्राइस का सामना करना पड़ा था। गावस्कर ने प्राइस को सबसे खतरनाक गेंदबाजों में गिना. जिनका रन-अप तेज और कोणीय था। वो लंबे थे तेज थे और अंदर-बाहर दोनों तरफ स्विंग कराने में माहिर थे।
गावस्कर ने माना कि थॉमसन और माइकल होल्डिंग से पहले जितने तेज गेंदबाजों का सामना उन्होंने किया. उनमें प्राइस सबसे तेज और खतरनाक थे। ऐसे में मैनचेस्टर की वो 57 रन की पारी सिर्फ स्कोर नहीं बल्कि जज्बे और तकनीक की मिसाल थी. जिसे खुद गावस्कर भी आज तक नहीं भूल पाए हैं।





