उज्जैन में त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। दरअसल टीम ने तराना की डेयरियों और मिष्ठान दुकानों पर छापेमारी कर मावा, घी, पनीर और मिठाइयों के सैंपल लिए। वहीं उज्जैन के आगर रोड स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने पर नोटिस जारी किया गया। अब सभी सैंपलों की लैब जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
दरअसल खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत शर्मा ने बताया कि अभियान का मकसद लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ पहुंचाना है। निरीक्षण के दौरान मावा, घी, पनीर, चायपत्ती और मिठाइयों समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मावा, घी और पनीर के सैंपल लिए
वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ने सबसे पहले तराना क्षेत्र में उन दुकानों और डेयरियों पर कार्रवाई की जहां मिलावट की शिकायतें मिली थीं। श्री साईं राम दूध डेयरी, पुराना पेट्रोल पंप से बूंदी लड्डू और शुद्ध घी के नमूने लिए गए। इसके बाद खांडेराव बाजार स्थित श्री गोपाल डेयरी से मावा, घी और चायपत्ती के सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजे गए। साथ ही टीम ने श्रीनाथ जी डेयरी से भी पनीर और चॉकलेट बर्फी के नमूने लिए। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मावा और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है इसलिए इनकी विशेष निगरानी की जा रही है। अगर लैब रिपोर्ट में किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने व्यापारियों को भी साफ चेतावनी दी है कि बिना गुणवत्ता जांच के खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में जिले के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा।
एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने पर नोटिस दिया गया
दरअसल कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उज्जैन के आगर रोड स्थित स्विगी इंस्टामार्ट के गोदाम का भी निरीक्षण किया। जांच में धनिया और मैदा पाउडर समेत कई खाद्य उत्पाद एक्सपायरी डेट के पाए गए। इसके बाद विभाग ने गोदाम प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। निरीक्षण में जिन उत्पादों पर कार्रवाई हुई उनमें सात्विक प्रीमियम हल्दी पाउडर, सिल्वर कॉइन रवा, ऑर्गेनिक तत्व मैदा, जोफ गरम मसाला, प्राकृतिक ऑनियन पाउडर, प्राकृतिक जीरा पाउडर और अक्षयकल्प ऑर्गेनिक देसी गाय का घी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक्सपायर्ड उत्पादों को सुरक्षित खाद्य मानकों का उल्लंघन माना जाता है इसलिए इस मामले में भी जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






