मध्य प्रदेश में किसान उपार्जन केंद्रों पर चल रही अव्यवस्था, ढुलाई की गड़बड़ी, भुगतान में देर और टोकन सिस्टम में तानाशाही को लेकर कांग्रेस ने 7 मई को चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। चक्का जाम का ये असर उज्जैन में भी दिखाई देने वाला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में शहर कांग्रेस कमेटी की वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चक्का जाम की रणनीति तय की गई। यह निर्णय लिया गया कि 7 मई को शाजापुर में जो चक्काजाम होने वाला है। उसमें उज्जैन से करीब डेढ़ सौ वाहनों का काफिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में रवाना किया जाएगा।
किसानों के हक का मुद्दा
इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष डॉ रवि राय का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ शाजापुर में आयोजित चक्का जाम का हिस्सा बनेंगे। मुकेश भाटी का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ असुविधा का नहीं बल्कि किसानों के हक, सम्मान और आजीविका से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है। स्लॉट बुकिंग के साथ टोकन सिस्टम पूरी तरह से फेल है।
क्या है मांग
इस चक्का जाम के साथ कांग्रेस की मांग है कि किसानों को भावांतर की पूरी राशि का भुगतान मिले। जितना भी पुराना बकाया है वह तुरंत दिया जाए। 7 दिन के भीतर भुगतान की कानूनी गारंटी दी जाए। हर किसान की फसल समर्थन मूल्य पर गारंटी तरीके से खरीदी जाए।
बड़ी संख्या में पहुंचेंगे कार्यकर्ता
चक्का जाम को लेकर रखी गई कांग्रेस कमेटी की इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर रवि राय, संगठन महासचिव अजय राठौर, अशोक सा, राजेश राणा, रमेश सांखला, अनवर बाबा, संचित शर्मा, अभिषेक लाला, चंद्रभान सिंह चंदेल, बबलू खींची, वरुण शर्मा, बंटी वसीम, कमल चौहान, वीरेंद्र गोसर प्रकाश सोलंकी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। ये निर्णय लिया गया कि बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस चक्काजाम का हिस्सा बनेंगे।






