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उज्जैन में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने निगम आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण, दिखाई दिए कचरे के बड़े-बड़े ढेर, एजेंसी पर लगाया 1 लाख का जुर्माना

Written by:Banshika Sharma
Published:
उज्जैन में स्वच्छता रैंकिंग को बेहतर बनाने की दिशा में निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने कमान संभाली है। दरअसल औचक निरीक्षण में मिली खामियों पर स्वच्छता एजेंसी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।
उज्जैन में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने निगम आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण, दिखाई दिए कचरे के बड़े-बड़े ढेर, एजेंसी पर लगाया 1 लाख का जुर्माना

उज्जैन में आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार लाने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। वहीं इसी कड़ी में निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस आकस्मिक दौरे के दौरान अनेक खामियां उजागर हुईं, जिसके परिणामस्वरूप स्वच्छता जागरूकता और प्रबंधन का कार्य देख रही एजेंसी ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ पर एक लाख रुपए का भारी जुर्माना अधिरोपित किया गया।

दरअसल निगमायुक्त मिश्रा ने मंगलवार को सर्वप्रथम देवास गेट स्थित पानी की टंकी और पीएचई कंट्रोल रूम का आकस्मिक दौरा किया। यहां उन्होंने पेयजल के स्तर और उसकी आपूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। पेयजल की स्थिति संतोषजनक पाई गई, जिससे शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की निगम की प्रतिबद्धता पुनः पुष्ट हुई।

कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दिए

हालांकि शहर की वास्तविक स्वच्छता स्थिति तब स्पष्ट हुई जब वे वार्ड क्रमांक 23 और 24 की संकरी गलियों में पहुंचे। इन वार्डों के भ्रमण के दौरान कई स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दिए, जो न केवल गंदगी का सूचक थे बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रहे थे। गलियों में सफाई की कमी और नागरिकों में स्वच्छता के प्रति अपेक्षित जागरूकता का अभाव भी स्पष्ट दिखाई दिया। कचरे के पृथक्करण यानी गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने तथा उसे केवल कचरा संग्रहण वाहन में ही डालने जैसी बुनियादी स्वच्छता आदतों की अनदेखी भी अनेक जगहों पर पाई गई। यह स्थिति शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के प्रयासों के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत कर रही थी।

एजेंसी पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाने का निर्देश

वहीं इन गंभीर खामियों और स्वच्छता प्रबंधन में लापरवाही को देखते हुए, निगमायुक्त ने तत्काल प्रभाव से ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ एजेंसी पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित वार्ड दरोगा, सफाई मित्रों और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भी सीधा संवाद किया। निगमायुक्त ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि वे घर-घर जाकर नागरिकों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके केवल नगर निगम के संग्रहण वाहन में ही डालने के लिए लगातार जागरूक करें। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जन जागरूकता के बिना स्वच्छता अभियान की सफलता संभव नहीं है।

प्रत्येक घर में जाकर समझाने का निर्देश

इस निरीक्षण के क्रम में निगमायुक्त ने कचरा संग्रहण वाहनों का भी बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने इन वाहनों पर कार्यरत महिला हेल्पर्स और अन्य कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। निगमायुक्त ने उन्हें पुनः निर्देशित किया कि वे प्रत्येक घर में जाकर कचरा पृथक्करण के महत्व को समझाएं और यह सुनिश्चित करें कि नागरिक इस प्रक्रिया का पालन करें। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कचरे के ढेर मिलने और अपेक्षित जन जागरूकता की कमी सामने आने पर निगमायुक्त ने स्वच्छता एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एजेंसी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन अधिक गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ करना होगा।

इसके अतिरिक्त, निगमायुक्त ने घरों में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता की भी जांच की और पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल मिले, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वार्ड दरोगा को भी यह सख्त हिदायत दी कि वे छोटी-छोटी गलियों, खाली पड़े प्लॉटों और नालियों की रोजाना नियमित सफाई सुनिश्चित करें ताकि शहर में कहीं भी गंदगी का जमावड़ा न हो। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है और इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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