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भीषण गर्मी से श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए महाकाल मंदिर समिति ने उठाया बड़ा कदम, पहली बार लगाया गया फोगिंग सिस्टम

Written by:Banshika Sharma
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महाकाल मंदिर में बढ़ती गर्मी के बीच भक्तों को राहत देने के लिए एक अभिनव पहल की गई है। इस पहल के जरिए मानसरोवर से त्रिनेत्र तक फोगिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।
भीषण गर्मी से श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए महाकाल मंदिर समिति ने उठाया बड़ा कदम, पहली बार लगाया गया फोगिंग सिस्टम

उज्जैन के प्रसिद्द महाकाल मंदिर में भीषण गर्मी से श्रद्धालुओं को राहत प्रदान करने के लिए एक नई और पुख्ता व्यवस्था की गई है। दरअसल उज्जैन नगरी में पिछले एक सप्ताह से तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के निशान को पार कर रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी की इस लहर ने लोगों को अपने घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है और जरूरी कार्यों के लिए ही वे बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में, शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, और दिन के समय बाजार भी खाली नजर आ रहे हैं।

हालांकि, इस असहनीय ‘हीट वेव’ के बावजूद, देवाधिदेव महाकाल के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा में थोड़ी भी कमी नहीं आई है। भीषणतम तापमान के बीच भी, प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में दर्शनार्थ पहुँच रहे हैं, जो उनकी अगाध आस्था का प्रतीक है। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों का आगमन, मंदिर प्रशासन के समक्ष उन्हें गर्मी के प्रकोप से बचाने की एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत कर रहा था।

अत्याधुनिक फोगिंग सिस्टम स्थापित किया गया

वहीं श्रद्धालुओं को इस भीषण गर्मी से बचाने और उनकी यात्रा को सुखद बनाने के उद्देश्य से, महाकाल मंदिर समिति ने एक अभिनव पहल की है। मंदिर परिसर में पहली बार महाकाल लोक में अत्याधुनिक फोगिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह प्रणाली वातावरण में सूक्ष्म जल कणों का छिड़काव करती है, जिससे आसपास के तापमान में तत्काल गिरावट आती है और ठंडक का अनुभव होता है। फिलहाल, इस फोगिंग सिस्टम को मानसरोवर द्वार से लेकर त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक के मार्ग पर प्रायोगिक तौर पर स्थापित किया गया है। यदि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए प्रभावी और कारगर सिद्ध होती है, तो इसे पूरे महाकाल लोक क्षेत्र और मंदिर परिसर के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित करने की व्यापक योजना है।

कई स्थानों पर वाटर कूलर की व्यवस्था की गई

दरअसल, त्रिवेणी संग्रहालय से मानसरोवर तक लगभग 900 मीटर की दूरी श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी में पैदल तय करनी पड़ती है। इस लंबी पदयात्रा के दौरान, सीधी धूप और बढ़ती उमस के कारण भक्तों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। मंदिर समिति ने पहले से ही इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक व्यवस्थाएं कर रखी थीं, जिनमें धूप से बचाव के लिए विशाल शामियाने लगाना, पैरों को जलने से बचाने के लिए मेट बिछाना और शुद्ध पेयजल के लिए कई स्थानों पर वाटर कूलर की व्यवस्था करना शामिल था।

श्रद्धालुओं के ऊपर निरंतर पानी की सूक्ष्म बौछारें पड़ेगी

इसके बावजूद, अत्यधिक तापमान और गर्मी की प्रचंडता को देखते हुए, श्रद्धालुओं को अतिरिक्त ठंडक प्रदान करने की आवश्यकता महसूस की गई। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, अब फोगिंग की यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रणाली के सक्रिय होने से, श्रद्धालुओं के ऊपर निरंतर पानी की सूक्ष्म बौछारें पड़ रही हैं, जिससे उन्हें तत्काल ठंडक और राहत मिल रही है। इस अभिनव व्यवस्था से श्रद्धालु बेहद प्रसन्न और संतुष्ट नजर आए हैं, और उन्होंने मंदिर प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।

महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि, “श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट, पेयजल और कार्पेट जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पहले से ही मौजूद थीं। अब, भीषण गर्मी को देखते हुए, हमने प्रायोगिक तौर पर फोगिंग सिस्टम की शुरुआत की है।” उन्होंने आगे कहा, “यदि यह व्यवस्था सफलतापूर्वक कार्य करती है और श्रद्धालुओं को अपेक्षित राहत प्रदान करती है, तो इसे पूरे महाकाल लोक में स्थापित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक भक्तों को गर्मी के प्रकोप से बचाया जा सके।” यह कदम मंदिर प्रशासन की श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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