उज्जैन के शिप्रा नदी के किनारे स्थित रामघाट पर रोजाना शिप्रा आरती की जाती है। अब इसकी जिम्मेदारी महाकाल मंदिर समिति को दी गई। समिति की ओर से इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। अब तक कि शिप्रा आरती पंडित समिति द्वारा यह आरती आयोजित की जाती थी।
महाकाल मंदिर समिति के बटुकों द्वारा गुरुवार रात को शिप्रा आरती संपन्न करवाई गई। इस नई शुरुआत के साथ आने वाले समय में इसे और भी भव्य बनाए जाने की बात कही जा रही है। अगर ये आरती समय के साथ भव्य होती है तो उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक ओर आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
महाकाल मंदिर समिति ने की आरती
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से शिप्रा तट के रामघाट पर मां शिप्रा की आरती श्री महाकालेश्वर वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में अध्यनरत वेद पाठी करें। ऐसा पत्र अलग-अलग विभागों को भेजा गया था। इसके बाद गुरुवार को समिति के द्वारा बटुकों के जरिए शिप्रा आरती का आयोजन करवाया गया। अब रोजाना मंदिर समिति की ओर से ही आरती आयोजित की जाएगी।
पंडित और श्रद्धालु में हुई थी झड़प
बता दें कि 2 महीने पहले शिप्रा आरती के दौरान पंडा समिति के पंडे और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट और कहासुनी देखने को मिली थी। इसके बाद नगर निगम द्वारा कार्रवाई करते हुए शिप्रा आरती का सारा समान जब्त कर लिया गया था। 26 जुलाई को एक बार फिर यहां कार्रवाई की गई थी और बचा हुआ सामान कब्जे में लाया गया था। तब से ही शिप्रा आरती को लेकर संशय की स्थिति थी जो अब दूर हो चुकी है।






