त्योहारों से पहले शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन पुलिस तत्पर नजर आ रही है। इसी कड़ी में जिले के सभी थाना क्षेत्रों के डीजे संचालकों की एक बैठक बुलाई गई। इसमें पुलिस अधिकारियों ने सभी संचालकों को नियमों का पालन करने की समझाइश दी।
पितृपक्ष के बाद एक के बाद एक त्यौहार आने वाले हैं। ऐसे में चाहे नवरात्रि में माता की स्थापना हो या विसर्जन, गरबा और दिवाली के बाद शुरू होने वाली शादियां सभी में डीजे का उपयोग होता है। यही वजह रही कि बैठक बुलाकर नियमों के बारे में जानकारी दी गई।
डीजे संचालन के लिए समय की पाबंदी
बैठक के दौरान साफ तौर पर ये निर्देश दिए गए हैं कि ध्वज प्रदूषण के नियमों का सभी संचालकों को पालन करना होगा। इसी के साथ डीजे बजाने के लिए समय सीमा भी तय की गई है। रात 10 बजे के बाद किसी भी तरह से लाउड स्पीकर और डीजे का इस्तेमाल करना मना है। अस्पतालों के निकट और साइलेंस जोन में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के निर्देश
डीजे संचालकों को कहा गया है कि किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले गाने नहीं बजाना है। इस दौरान सामाजिक सौहार्द पूरी तरह से बना रहे। इस बात का खास ख्याल रखने को कहा गया है।
आवाज लिमिट से ज्यादा नहीं
कई बार डीजे की तेज आवाज लोगों को परेशानी में डाल देती है। ऐसे में संचालकों को आवाज तय मानकों के अंदर रखने को कहा गया है। बेवजह तेज आवाज में डीजे बजाने की सख्त मनाही है। ये भी कहा गया है कि नियमों के खिलाफ जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान सभी संचालकों से एक बंध पत्र भी भरवाया गया है।






