दीपावली नजदीक आ रही है और बाजारों में एक बार फिर अलग-अलग तरह के पटाखे मिलना शुरू हो जाएंगे। त्योहारों को देखते हुए अब कैल्शियम कार्बाइड से चलने वाली देसी गन को लेकर प्रशासन अलर्ट नजर आ रहा है। उज्जैन पुलिस की ओर से इनका निर्माण, खरीदी बिक्री और उपयोग करने को प्रतिबंधित बताते हुए कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

इस बारे में जानकारी देते हुए एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि अगर कोई भी कार्बाइड गन का निर्माण करते हुए पाया जाता है या इसका उपयोग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है तो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।

हादसे को निमंत्रण है कार्बाइड गन

कार्बाइड गन गैस लाइटर, कैल्शियम कार्बाइड और प्लास्टिक पाइप का इस्तेमाल कर बनाई जाती है। जैसे ही कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आता है एसिटिलीन गैस बनती है। इस गैस में चिंगारी लगने से तेज धमाका होता है। अक्सर ऐसे महाबली समझा जाता है लेकिन अगर विस्फोट हो जाए तो गंभीर चोट लग सकती है।

बढ़ रहा है इस्तेमाल

आज का सोशल मीडिया के जमाने में हर कोई दिखावा करना चाहता है। ऐसे में कार्बाइड गन का उपयोग भी बढ़ गया है। बच्चे और युवा अक्सर इस खतरनाक गन का इस्तेमाल करते हैं। वीडियो बनाने और दिखावे के चक्कर में वह खुद की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों के गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है।

 

हो चुके हैं हादसे

कार्बाइड गन के धमाके से पिछले साल दीपावली के दौरान मध्य प्रदेश के 11 जिलों में 292 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। इनमें से 15 मामले उज्जैन में भी सामने आए थे। कई लोगों को आंख में गंभीर चोट लग गई थी। इसी को देखते हुए पुलिस ने जांच अभियान चलाने की बात कही है।

हर जगह पुलिस की नजर

मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से कार्बाइड लैंप और गन के इस्तेमाल, भंडारण, निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पुलिस हार्डवेयर, फैब्रिकेशन, रासायनिक पदार्थ और वेल्डिंग की दुकानों की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने वालों पर भी प्रशासन की नजर है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ने दी जानकारी

इस मामले में इसके प्रदीप शर्मा ने बताया कि कहीं सालों से कार्बाइड गन की वजह से लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो रही है। शारीरिक चोट लगने की घटनाएं भी सामने आई है। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देशों के मुताबिक चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया गया है। उन्होंने लोगों से ये अपील की है कि इस गन के निर्माण और उपयोग करने की कोशिश ना करें। अगर कहीं इसका निर्माण, बिक्री या इस्तेमाल दिखाई देता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।