उज्जैन के लालबाई-फूलबाई क्षेत्र में मंगलवार रात पुलिस की क्रेन चलाने वाले ड्राइवर की 19 वर्षीय बेटी के संदिग्ध अपहरण मामले में नया मोड़ सामने आया है। रात करीब आठ बजे घर के बाहर खड़ी युवती को बिना नंबर की काले रंग की कार में सवार युवक जबरन बैठाकर ले गए थे। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने फौरन केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सामने आया युवक-युवती का वीडियो, कहा- ‘चार साल से कर रहे थे बात’
वारदात के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर युवक और युवती का एक वीडियो सामने आया है, जिसने मामले की दिशा ही बदल दी। वीडियो में युवती कह रही है कि वह किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी राजी-खुशी से गई है और दो-तीन दिनों में खुद वापस लौट आएगी। वहीं साथ दिख रहे उर्दूपुरा निवासी युवक ध्रुव कुमावत ने दावा किया कि दोनों बीते चार सालों से संपर्क में थे और दोनों अपनी मर्जी से शादी करने के लिए घर से निकले हैं।
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टीआई प्रतीक शर्मा के नेतृत्व में दर्ज हुआ केस
हालांकि परिजनों की शिकायत और शुरुआती सीसीटीवी फुटेज के आधार पर थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। मुख्य संदिग्ध ध्रुव कुमावत का मोबाइल फोन फिलहाल बंद आ रहा है। पुलिस ने युवती की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की तलाश में कई अलग-अलग टीमें लगाई हैं, जो कार के संभावित रास्ते और साइबर लोकेशन को ट्रेस करने में जुटी हुई हैं।
युवक-युवती की पेशी के बाद ही साफ होगी स्थिति
वीडियो में दोनों ने अपील की है कि उनके परिजनों पर किसी तरह का पुलिस दबाव न बनाया जाए और वे जल्द ही थाने में पेश होंगे। दूसरी तरफ पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जब तक युवक-युवती व्यक्तिगत रूप से सामने नहीं आ जाते और उनके बयान दर्ज नहीं हो जाते, तब तक कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। दोनों के सामने आने और पूछताछ के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह साफ हो सकेगी।