उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर चल रहे चौड़ीकरण को एक तरफ जहां जनता का समर्थन मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ विरोध की लहर भी देखने को मिल रही है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाकर दूसरी जगह स्थापित किया जा रहा है। कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक सड़क 15 मीटर चौड़ी की जाने वाली है।
यह 900 मीटर लंबा मार्ग है जिसके बीच में 7 धार्मिक स्थल आ रहे थे। इनमें से अधिकांश है चुके हैं। लेकिन खड़े हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद और एक मजार को हटाना अभी बाकी है। इसे लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। शाही मस्जिद हटाने के विरोध में मुस्लिम समाज पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहा है।
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शाही मस्जिद हटाने का चल रहा विरोध
उज्जैन में पहले खड़े हनुमान मंदिर को हटाने को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। पौराणिक होने की वजह से मूर्ति को उसकी जगह से हिलाना भी मुश्किल हो रहा था। इस वजह से इसे विस्थापित नहीं किया जा सका। वहीं अब जब शाही मस्जिद के 8 से 11 मीटर हिस्से को हटाने की कार्रवाई से पहले मुस्लिम समाज विरोध पर उतर गया है।
एक तरफ पुलिस ,दूसरी तरफ जनता
शाही मस्जिद को हटाने के विरोध में मुस्लिम समाज की ओर से पिछले दो दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार की रात से ही मस्जिद के अंदर और बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी थी। यह लोग शनिवार की रात से लेकर सुबह तक वहीं डटे रहे। इसी बीच पुलिस द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया।
इसके बाद रविवार की रात जब भारी पुलिस बल जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। तब एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए। मशीने देखकर मौके पर मौजूद लोग अलग अलग तरह से प्रशासन को वहां से जाने की बात कहते नजर आए। हालांकि, इस दौरान प्रशासन भी मौके पर डटा रहा। सुरक्षा को देखते हुए जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
हाई कोर्ट में होना है सुनवाई
बता दें कि मस्जिद को ना हटाने के लिए मुस्लिम समाज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली थी। लेकिन विरोध की वजह से तोड़फोड़ नहीं की जा सकी। अब मुस्लिम समाज ने एक बार फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में आज सुनवाई होनी है।