सिंहस्थ 2028 की तैयारी उज्जैन में जोरशोर से चल रही है। लेकिन इसी बीच बारिश में इन तैयारी को तगड़ा झटका दे दिया है। हाउ टू प्ले क्षेत्र में शिप्रा नदी पर ग्राम होशियारी और मकोडिया के बीच सिरोंज बैराज का काम चल रहा था। जो बारिश की भेंट चढ़ गया है।
सिरोंज बैराज कम काजवे डैम 9 जुलाई को हुई बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना के बाद जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट में सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए। SDO सहित तीन इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है।
SDO सहित अधिकारी सस्पेंड
प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा ने देवास उपसंभाग की अनुविभागीय अधिकारी नेहा दुबे और दो सब इंजीनियरों जितेंद्र पटेल और रोहित सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह बताया जा रहा है कि चीफ इंजीनियर की गलती की वजह से यह हादसा हुआ है। जांच के बाद जिन तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है। इन्हें निलंबन अवधि के दौरान देवास से हटाकर कार्यालय मुख्य अभियंता चंबल कछार जल संसाधन विभाग भोपाल में अटैच किया गया है।
तकनीकी खामी को वजह से हादसा
इस बैराज के काम के जिम्मेदारी ग्वालियर के निर्माण एजेंसी मेसर्स कटारे एंड कंपनी को 2.18 करोड़ की लागत के साथ दी गई थी। अरमान में तकनीकी कर्मियों की वजह से 9 जुलाई को पहली बारिश का दबाव भी इस संरचना पर भारी पड़ गया। पानी के तेज बहाव की वजह से बैराज की सुरक्षा दीवार ढह गई और डाउनस्ट्रीम के बैक फीलिंग मिट्टी बह गई।
जांच में क्या आया सामने
इस मामले की जब जांच की गई तो यह सामने आया कि पानी की निकासी के लिए बैराज में जितनी संख्या में आरसीसी के पाइप लगाए जाने चाहिए थे उतने नहीं लगाए गए। यह समर्सिबल बैराज था लेकिन इसकी ऊंचाई तय मानकों से ज्यादा होने की वजह से प्राकृतिक जल की निकासी बाधित हो गई। पानी की निकासी रुकने की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ा और बैराज के ऊपर से बहने लगा।






