उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर चौड़ीकरण करने का काम जोर शोर से किया जा रहा है। कई जगह तोड़ फोड़ कर रोड चौड़ी कर दी गई है। वहीं कुछ जगह का काम बाकी है। किसी कड़ी में कंठाल से गोपाल मंदिर तक की रोड भी चौड़ी की जाने वाली है।

इस मार्ग के चौड़ीकरण के बीच में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आ रहा है। जिसकी वजह से पिछले तीन दिनों में काफी बवाल देखने को मिला। मामला इतना ज्यादा बढ़ गया की नौबत पथराव, लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले तक पहुंच गई। इतना कुछ होने के बाद भी मस्जिद पर होने वाली कार्रवाई आज भी जारी रहेगी।

आज हटेगा दुकानों का सामान

बीते दिन पुलिस प्रशासन साथ हुई मुस्लिम समुदाय के लोगों की झड़प के बाद मस्जिद तोड़ने का काम खुद ही समाज के लोगों ने शुरू कर दिया था। आज भी पुलिस की निगरानी में मस्जिद के नीचे बनी हुई दुकानों का सामान हटाया जाएगा। इसके बाद इस हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

याचिका फिर हुई खारिज

शाही मस्जिद को ना तोड़े जाने के लिए मस्जिद कमेटी द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद कमेटी ने एक बार फिर याचिका लगाई थी। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद इसे एक बार फिर खारिज कर दिया गया।

जगह देने पर बनी सहमति

बता दें कि जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुई बातचीत में 3 फीट जगह देने पर सहमति बन गई थी। मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने बताया कि चौड़ीकरण के लिए 3 फीट जगह देने और दुकान हटाने पर सहमति बनी है। इसी के साथ बड़ी मीनार को दूसरी तरफ शिफ्ट किया जाएगा वही जो दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं उन्हें दूसरी जगह उपलब्ध करवाई जाएगी।

जमकर हुआ था हंगामा

बता दें कि शाही मस्जिद हटाने के कार्रवाई के दौरान प्रशासन और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच जमकर विवाद देखने को मिला। समाजजन शनिवार की रात से ही यहां इकट्ठा हो गए थे। रविवार को भी यही हाल बना रहा। रविवार को प्रशासन की टीम यहां जेसीबी और पोकलेन के साथ पहुंची। लेकिन विरोध के चलते कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि चर्चा के बाद मस्जिद का 3 फीट हिस्सा तोड़ने पर सहमति बन गई थी। अगले दिन जैसे ही मस्जिद को तोड़ना शुरू किया गया। पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया जिसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भीड़ को नियंत्रण में लेने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। इस सारे हंगामा के बीच कार्रवाई लगातार जारी रही। काफी देर तक चली गहमा गहमी के बाद मामला शांत हुआ।