उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है। इसी दौरान छतरी चौक स्थित मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। तभी गुरुवार को कार्रवाई के दौरान मस्जिद की एक ऊंची मीनार का ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर सीधे छत पर जा गिरा। इससे मस्जिद की छत और भवन के कुछ हिस्सों को क्षति पहुंची। इस हादसे के बाद कुछ लोगों के घायल होने की खबरें सामने आने लगी थी एवं मौके पर भीड़ भी एकत्रित होने लगी।
बता दें कि मीनार के ऊपरी हिस्से के गिरने के बाद शाही मस्जिद को पहुंची क्षति के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की अफवाहें पर फैलने लगी। इन अफवाहों पर विराम लगाने के लिये कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बयान जारी किया। साथ ही लोगों से अफवाहों ध्यान नहीं देने की अपील की। इतना ही नहीं, मस्जिद के जिन हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने उसकी मरम्मत शुरू करा दी है।
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कलेक्टर ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की
बता दें कि कलेक्टर रोशन कुमार सिंह का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने मौके की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। उन्होंने बताया कि सभी धर्म और समाज के लोग मौके पर मौजूद हैं और उनसे चर्चा की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को लेकर आवश्यक संवाद किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा अफवाह, गलत सूचना या भ्रामक खबर फैलाने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल पूरा फोकस क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराने और मौके पर स्थिति सामान्य रखने पर है।
उज्जैन में 28 सितंबर को बन गई थी विवाद की स्थिति
गौरतलब है कि तीन दिन पहले, 28 सितंबर को मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई थी। इस दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की बात सामने आई। जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया था। बताया गया कि सोशल मीडिया पर एआई की मदद से तैयार की गई भ्रामक सामग्री के जरिए यह अफवाह फैलाई गई कि मस्जिद को पूरी तरह से तोड़ा जा रहा है। अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। जिसके चलते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी।