उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी रखा है। इसी क्रम में राज्य पुलिस विभाग में छह आईपीएस अधिकारियों को इधर से उधर करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कदम विभिन्न परिक्षेत्रों, प्रशिक्षण संस्थानों और विशेष इकाइयों में पुलिसिंग को और अधिक सुचारु बनाने तथा कार्यदक्षता में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डीजीपी मुख्यालय ने शुक्रवार को इन छह आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किये, जिनमें विभिन्न स्तरों पर अहम बदलाव किए गए हैं। इन प्रशासनिक परिवर्तनों का मुख्य लक्ष्य पुलिस बल की कार्यक्षमता को बढ़ाना और जनता को बेहतर सेवाएँ प्रदान करना है।
आईजी अमित पाठक को एनएसजी में मिली तैनाती
तबादलों की इस सूची में सबसे प्रमुख नाम आईजी अमित पाठक का है, जिन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) में तैनाती मिली है। राज्य सरकार जल्द ही अमित पाठक को इस नई भूमिका के लिए कार्यमुक्त कर सकती है। अमित पाठक के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद देवीपाटन रेंज के आईजी का पद रिक्त हो गया था, जिसकी जिम्मेदारी अब सीआईडी में डीआईजी के पद पर तैनात अशोक कुमार चतुर्थ को सौंपी गई है। अशोक कुमार चतुर्थ को देवीपाटन रेंज का नया आईजी नियुक्त किया गया है, जहां वे कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का कार्य करेंगे।
इसी प्रकार, मिर्जापुर रेंज के डीआईजी राकेश प्रकाश सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद इस महत्वपूर्ण परिक्षेत्र में नए अधिकारी की नियुक्ति की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस पद पर अब पुलिस प्रशिक्षण संस्थान (पीटीएस) मेरठ की प्रधानाचार्य पूनम को भेजा गया है। पूनम अब मिर्जापुर रेंज की नई डीआईजी के रूप में अपनी सेवाएँ देंगी, जिनसे क्षेत्र में पुलिसिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कानपुर रेंज को मिला नया DIG, यमुना प्रसाद संभालेंगे कमान
कानपुर रेंज जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण परिक्षेत्र की जिम्मेदारी भी बदली गई है। पीटीएस मुरादाबाद में बतौर डीआईजी पदस्थ यमुना प्रसाद को कानपुर रेंज का नया डीआईजी बनाया गया है। यमुना प्रसाद के नेतृत्व में कानपुर में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, कानपुर रेंज में अब तक डीआईजी के पद पर कार्यरत हरीश चन्दर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन में स्थानांतरित किया गया है। यह कदम प्रशासनिक सुधारों और विभिन्न इकाइयों में विशेषज्ञता के उपयोग की दिशा में सरकार की रणनीति का हिस्सा है।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी किए बिना ही वापस भेजे गए रवि शंकर छवि को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह वापसी के बाद से प्रतीक्षारत चल रहे थे और अब उन्हें डीजीपी मुख्यालय में डीआईजी लोक शिकायत के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति जनता की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, भ्रष्टाचार निवारण संगठन में डीआईजी के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे सचिंद्र पटेल को आगरा कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के पद पर स्थानांतरित किया गया है। यह तबादला आगरा जैसे बड़े शहर में पुलिस प्रशासन की दक्षता को बढ़ाने के लिए किया गया है, जहां कमिश्नरेट प्रणाली लागू है।







