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ओमप्रकाश राजभर के बयान पर भड़के ABVP कार्यकर्ता, आवास पर पथराव और पुलिस से झड़प, जानें क्या है मामला

Written by:Saurabh Singh
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ABVP कार्यकर्ताओं का गुस्सा राजभर के उस बयान से भड़का, जिसमें उन्होंने बाराबंकी के श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का समर्थन करते हुए ABVP कार्यकर्ताओं को "गुंडा" कहा था।
ओमप्रकाश राजभर के बयान पर भड़के ABVP कार्यकर्ता, आवास पर पथराव और पुलिस से झड़प, जानें क्या है मामला

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के एक विवादित बयान के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध जताया। मंगलवार रात 9:50 बजे हजरतगंज स्थित राजभर के सरकारी आवास के बाहर ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, पुतला फूंका और पथराव किया। गुस्साए छात्रों ने आवास परिसर में घुसकर नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। इस घटना में कई छात्रों और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।

ABVP कार्यकर्ताओं का गुस्सा राजभर के उस बयान से भड़का, जिसमें उन्होंने बाराबंकी के श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का समर्थन करते हुए ABVP कार्यकर्ताओं को “गुंडा” कहा था। ABVP राष्ट्रीय सचिव अंकित शुक्ला ने इस टिप्पणी की निंदा करते हुए राजभर से माफी और इस्तीफे की मांग की। अवध प्रांत सचिव पुष्पेंद्र वाजपेयी ने कहा कि जब तक माफी नहीं मिलती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में जतिन शुक्ला, विकास तिवारी और विवेक मिश्रा जैसे कार्यकर्ता शामिल थे।

आवास पर पत्थर फेंके, अभद्र भाषा का इस्तेमाल

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने ABVP के प्रदर्शन की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के आवास पर पत्थर फेंके, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और महिला आरक्षियों से दुर्व्यवहार किया। SBSP ने लाठीचार्ज की घटना की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन साथ ही कहा कि किसी को भी अभद्रता का अधिकार नहीं है। पार्टी ने छात्रों के हितों का समर्थन करते हुए शांतिपूर्ण विरोध की वकालत की।

लाठीचार्ज में 24 से अधिक छात्र घायल

घटना की शुरुआत सोमवार को श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में ABVP के प्रदर्शन से हुई, जहां छात्रों ने LLB कोर्स की मान्यता और अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाई थी। पुलिस के लाठीचार्ज में 24 से अधिक छात्र घायल हुए थे। राजभर ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कानून तोड़ने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी, चाहे वह कोई भी हो। इस बयान ने ABVP कार्यकर्ताओं के आक्रोश को और भड़का दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह उग्र प्रदर्शन हुआ।