Hindi News

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला हमला, आलू किसानों की बदहाली का उठाया मुद्दा, निवेश और कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

Written by:Gaurav Sharma
Published:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादकों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जिससे वे फसल नष्ट करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में निवेश, महंगाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला हमला, आलू किसानों की बदहाली का उठाया मुद्दा, निवेश और कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश का किसान, खासकर आलू उत्पादक, बर्बादी की कगार पर है और उसे अपनी फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है।

गोमती नगर स्थित लोहिया पार्क में डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बातें कहीं।

आलू किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाया

अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा और एटा समेत कई जिलों में आलू किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि किसानों ने आलू की खुदाई कराने के बजाय खेतों में ही ट्रैक्टर से फसल जोत दी है। यह सरकार की किसान विरोधी नीतियों का सीधा परिणाम है।

“सरकार ने आलू खरीद का वादा तो किया था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके लिए कितना बजट तय किया गया है।”- अखिलेश यादव, सपा प्रमुख

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि किसानों को कब तक उनके हाल पर छोड़ा जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान कब होगा।

निवेश और रोजगार पर सरकार से जवाब मांगा

सपा प्रमुख ने प्रदेश में हुए निवेश सम्मेलनों और एमओयू को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा, “एमओयू के जरिए हुए निवेश में से कितना वास्तव में जमीन पर उतरा है?” उन्होंने यह भी सवाल किया कि यह निवेश किस औद्योगिक नीति के तहत आया और इससे प्रदेश के कितने युवाओं को रोजगार मिला, सरकार को इसका पूरा ब्यौरा देना चाहिए।

महंगाई और कानून-व्यवस्था पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई और रसोई गैस संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलिंडर के लिए लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जिससे छोटे कारोबारियों का काम भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपराध बढ़ रहा है और दोषियों को बचाया जा रहा है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews