समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। योगी द्वारा सपा के ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ कहने पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने योगी को ‘प्रवासी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि योगी उत्तराखंड से हैं और उत्तर प्रदेश उनकी मातृभूमि नहीं है। अखिलेश ने दावा किया कि योगी को उनके परिवार, खासकर उनके मामा के कारण ही गोरक्षपीठ मठ में जगह मिली।

अखिलेश ने कहा, “मुख्यमंत्री जी प्रवासी हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस वजह से उत्तराखंड से यहां आए थे। अगर उनके मामा मठ में न होते, तो योगी भी यहां नहीं होते।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थायी सदस्य नहीं हैं और केवल चुनाव लड़ने के लिए भाजपा का सहारा लेते हैं। यह बयान योगी के सपा पर वंशवादी राजनीति के आरोपों के जवाब में आया है।

सीएम योगी ने कसा तंज

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में सपा के ‘पीडीए’ नारे पर तंज कसते हुए इसे ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताया था। उन्होंने सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। सपा ने ‘पीडीए’ को पिछले लोकसभा चुनाव में अपना प्रमुख नारा बनाया था, जिसके तहत पार्टी ने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एकजुट करने की रणनीति अपनाई थी। इस रणनीति को सपा को चुनाव में काफी सफलता भी मिली थी।

सपा और भाजपा के बीच तनाव का माहौल

यह राजनीतिक तकरार उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ ला सकती है। अखिलेश के इस बयान से सपा और भाजपा के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है। दोनों नेताओं के बीच यह वैचारिक और व्यक्तिगत हमला राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर तब जब सपा अपनी ‘पीडीए’ रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश में है।