उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल के दिनों में लगातार हो रहे सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताई है। मेरठ में ऊर्जा भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि सड़क हादसों में हो रही मौतें अब कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हादसों को रोकने के लिए ठोस और सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए।
ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
सीएम ने कहा कि ई-रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें साइड में चलने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो। निर्माण कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राय ली जाए और जनता को दिक्कत न हो, इसका खास ध्यान रखा जाए।
विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सीएम योगी ने कहा कि सरकार योजनाओं में भरपूर पैसा दे रही है, लेकिन निर्माण कार्य उसी गुणवत्ता से नहीं हो रहे हैं। उन्होंने मंडल स्तर पर कमिश्नर और जिला स्तर पर डीएम को निर्माण कार्यों की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने को कहा। उन्होंने साफ कहा कि मेडिकल संस्थानों में किसी भी तरह की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
गरीबों के लिए वेंडिंग जोन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि गरीबों को रोजगार के लिए वेंडिंग जोन की प्राथमिकता से व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग मजबूरी में सड़कों किनारे रोजगार करते हैं, उनके लिए स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है। सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े गांवों और आसपास के इलाकों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है, बस काम समय पर और सही गुणवत्ता से हो।
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री केपी मलिक, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, सांसद अरुण गोविल, बागपत सांसद राजकुमार सांगवान, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विधायक अमित अग्रवाल, गुलाम मोहम्मद, अतुल प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, मेयर हरिकांत अहलूवालिया, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, अश्वनी त्यागी, एडीजी भानु भास्कर, कमिश्नर डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डॉ. वीके सिंह, एमडीए उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा, पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन और सीडीओ नूपुर गोयल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





