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बसंत पंचमी पर CM योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, कहा- ‘यह ज्ञान और सृजनशील चेतना का पर्व है’

Written by:Banshika Sharma
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसंत पंचमी के अवसर पर प्रदेश के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने इस पर्व को विद्या, ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित बताया और प्रयागराज माघ मेले में संगम स्नान का भी उल्लेख किया।
बसंत पंचमी पर CM योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, कहा- ‘यह ज्ञान और सृजनशील चेतना का पर्व है’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पर्व को विद्या, बुद्धि, ज्ञान, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के प्राकट्य का प्रतीक बताया। सीएम योगी ने कहा कि यह त्योहार मानव जीवन में बौद्धिक शुद्धता और सृजनशील चेतना के महत्व को रेखांकित करता है।

मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भारतीय सभ्यता में ज्ञान को केवल एक साधन नहीं, बल्कि जीवन-मूल्य के रूप में स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म, अध्यात्म, विज्ञान, कला, साहित्य और संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों के पीछे साधना, श्रम और अनुशासित चिंतन की एक लंबी परंपरा रही है। बसंत पंचमी हमें इसी गौरवशाली परंपरा का स्मरण कराती है।

सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक

सीएम योगी ने पर्वों और उत्सवों को भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि ये समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने और राष्ट्रीय भाव को सुदृढ़ करने का काम करते हैं। उनके अनुसार, बसंत पंचमी हमारी सांस्कृतिक निरंतरता, गौरव और सृजनशीलता का प्रतीक पर्व है।

“बसंत पंचमी मानव जीवन में बौद्धिक शुद्धता, विवेकपूर्ण आचरण और सृजनशील चेतना के महत्व को रेखांकित करती है। मां सरस्वती का पूजन ज्ञान के अनुशासन, चेतना की निर्मलता और आत्मिक उन्नयन का प्रतीक माना जाता है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

प्रयागराज माघ मेले का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन त्रिवेणी संगम पर करोड़ों श्रद्धालु पावन स्नान करेंगे। सीएम योगी ने इस आयोजन को भारतीय आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सनातन परंपरा का जीवंत स्वरूप बताया, जो आत्मशुद्धि और लोककल्याण की भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने बसंतोत्सव को प्रकृति के नवजीवन, उल्लास और सृजन के नए चक्र का उद्घोष बताया। अंत में, मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती से प्रार्थना की कि वह प्रदेशवासियों के जीवन में ज्ञान, विवेक, सद्बुद्धि और समृद्धि प्रदान करें।