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CSIR स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 : सीएम योगी बोले- जो देश इनोवेशन, रिसर्च एंड डवलपमेंट को बढ़ावा देगा, वही दुनिया को लीड करेगा

योगी ने बताया कि एक जिला एक उत्पाद यानि ओडीओपी के तहत हमरे पास आज 77 ऐसे उत्पाद है जिनपर हमें GI टैग मिला है जबकि उत्तर प्रदेश में जनपद 75 हैं और इन उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है।   
CSIR Startup Conclave 2025 CM Yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित CSIR स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2025 के समापन समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह के साथ शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों के मध्य महत्वपूर्ण MoU का आदान-प्रदान भी हुआ। उन्होंने  कॉन्क्लेव में सहभागी सभी संस्थानों और उद्योग जगत से जुड़े उद्यमियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा आज का समय टेक्नॉलोजी का समय है, विज्ञानं और प्रोद्योगिकी के  क्षेत्र में जो भी समाज जितना प्रगतिशील होगा दुनिया उसके पीछे जाएगी, जो देश जितना अधिक इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा, वही दुनिया को लीड करेगा, नेतृत्व प्रदान करेगा।

CSIR की चार महत्वपूर्ण लैब लखनऊ में संचालित 

और ये हमारा सौभाग्य है कि CSIR की चार महत्वपूर्ण लैब- NBRI, CDRI, IITR और CIMAP राजधानी लखनऊ में स्थित हैं। जिसके माध्यम से किसानों की आमदनी को आगे बढ़ाने के साथ ही आम नागरिक के मन में एवं उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन हेतु अनेक शोध किए गए हैं।

17,000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश में कार्यरत

योगी ने कहा मुझे प्रसन्नता है कि देश के अन्दर उत्तर प्रदेश स्टार्ट अप कॉन्क्लेव को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई दे रहा है  उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के अंदर हम लोगों ने स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए तेजी के साथ कार्य किया है, वर्तमान में 17,000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश के अंदर कार्यरत हैं।

आज का युवा लकीर का फकीर नहीं बन सकता

योगी ने कहा आज का युवा, कुछ नया करना चाहता है, वह लकीर का फकीर नहीं बन सकता है, लेकिन उसको उसके अनुरूप वातावरण प्रदान करने का काम समाज और सरकार दोनों का है जब दोनों मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे तो वो इसे तेजी से आगे बढ़ा सकता है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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