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ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद रामस्वरूप यूनिवर्सिटी के खिलाफ FIR, बुलडोजर की चेतावनी

Written by:Saurabh Singh
Published:
लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्रों और राजनीतिक दलों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी थी। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि LLB कोर्स की मान्यता न होने से उनका भविष्य खतरे में है।
ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद रामस्वरूप यूनिवर्सिटी के खिलाफ FIR, बुलडोजर की चेतावनी

श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद मामला गरमा गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली नगर में बुधवार देर रात 11 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। प्रबंधन पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप है, जिसके लिए तहसीलदार कोर्ट ने 27.96 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और 30 दिनों के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है।

उच्च शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के अपर सचिव डॉ. दिनेश सिंह की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में कहा गया कि विश्वविद्यालय ने 2023-24 और 2024-25 सत्रों में विधि संकाय की कक्षाएं बिना मान्यता के संचालित कीं। अयोध्या मंडल आयुक्त की जांच में पाया गया कि विश्वविद्यालय को विधि संकाय के लिए मान्यता नहीं थी, फिर भी प्रवेश और परीक्षाएं आयोजित की गईं। इसके अलावा, राजस्व विभाग की जांच में विश्वविद्यालय परिसर में नाली, चकमार्ग, तालाब और बंजर जमीन सहित करीब छह बीघे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया।

बीते माह हुई पैमाइश

बीते माह हुई पैमाइश के बाद 25 अगस्त को तहसीलदार कोर्ट ने विश्वविद्यालय को बेदखली का आदेश दिया और जुर्माना लगाया। विश्वविद्यालय प्रबंधन को 30 दिनों में जुर्माना अदा करने और सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय लोगों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने पहले भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। अब आदेश जारी होने से स्थानीय समुदाय में संतुष्टि की लहर है, जबकि विश्वविद्यालय प्रबंधन में हड़कंप मचा है।

आदेश का पालन न होने पर कार्रवाई

लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्रों और राजनीतिक दलों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी थी। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि LLB कोर्स की मान्यता न होने से उनका भविष्य खतरे में है। विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार डॉ. नीरजा जिंदल ने दावा किया कि उन्हें सरकारी जमीन पर कब्जे या बेदखली के आदेश की जानकारी नहीं है। हालांकि, नवाबगंज उप जिलाधिकारी आनंद तिवारी ने पुष्टि की कि 18 गाटा संख्या की सरकारी जमीन पर कब्जा पाया गया और आदेश का पालन न होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।