उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मानदेय बढ़ा दिया है। आज, 7 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मानदेय वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बढ़े हुए मानदेय की दर 1 अप्रैल 2026 से ही लागू मानी जाएगी। इसका अर्थ है कि अप्रैल महीने का वेतन जो मई में प्राप्त होगा, वह नई दरों के साथ आएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र 2026 के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में लिया गया है।
मानदेय में 8000 रुपए की वृद्धि
कैबिनेट बैठक के फैसले के अनुसार, शिक्षामित्रों के मानदेय में 8000 रुपए की वृद्धि की गई है, जिसके बाद मानदेय 10,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये प्रतिमाह हो गया है। यह वृद्धि 2017 के बाद पहली बार की गई है। वहीं शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को 9,000 रुपये के स्थान पर 17,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय कर दिया गया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। अप्रैल महीने का वेतन जो मई में प्राप्त होगा, उसमें बढ़ा हुआ मानदेय का लाभ मिलेगा। इसका लाभ 1.43 लाख शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को मिलेगा।
राज्य सरकार पर आएगा 1475.27 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त व्यय
- इस निर्णय से योगी सरकार पर कुल 1475.27 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। प्रदेश में वर्तमान में कुल 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 अनुपात में प्राप्त होता है। इस वृद्धि के बाद केंद्रांश के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहीं शेष 13,597 शिक्षामित्र के भुगतान के लिए ₹119.65 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार भी प्रदेश सरकार उठाएगी।
- प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। इस वृद्धि से राज्य सरकार पर ₹217.50 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा।






