सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई/ईडी अदालत में सरेंडर कर दिया। यह कार्रवाई उनके खिलाफ जारी गैरजमानती वारंट के बाद की गई। हालांकि अदालत ने उन्हें 25 जुलाई तक अंतरिम जमानत देते हुए फिलहाल राहत प्रदान कर दी है। इमरान मसूद की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत से जमानत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने यह भी साफ किया कि 25 जुलाई को इमरान मसूद को कोर्ट में पेश होना होगा।
क्या है मामला?
इमरान मसूद पर आरोप है कि साल 2007 में सहारनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर करीब 40 लाख रुपये की अवैध निकासी की थी। यह पैसा नगर पालिका के खाते से निकाला गया था। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी यशवंत सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था।
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गैरजमानती वारंट जारी
पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया, वहीं ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया। इसके बावजूद इमरान मसूद लगातार अदालत में हाजिर नहीं हो रहे थे। जिसके चलते उनके खिलाफ चार बार गैरजमानती वारंट जारी किया गया।
कोर्ट के सख्त तेवर
18 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में विशेष अदालत ने पुलिस से सख्त सवाल पूछे थे कि इमरान मसूद को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। इसके बाद दबाव में आए सांसद को आखिरकार कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा। अब देखना यह होगा कि 25 जुलाई को अदालत में इमरान मसूद की पेशी के दौरान क्या रुख अपनाया जाता है। मामले की सुनवाई सीबीआई/ईडी की विशेष अदालत में जारी है।