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देश में LPG संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई में 20% कोटा तय किया

Written by:Shruty Kushwaha
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सरकार ने पहले कहा था कि एलपीजी सप्लाई में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी..लेकिन अब कमर्शियल सेक्टर को भी राहत देने का फैसला किया गया है। इसके तहत होटल, रेस्तरां और पर्यटन उद्योग जैसे महत्वपूर्ण व्यवसायों को उनकी औसत मासिक मांग का बीस प्रतिशत कमर्शियल गैस सिलेंडर दिया जाएगा।
देश में LPG संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई में 20% कोटा तय किया

Commercial LPG supply

देश में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने कमर्शियल सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब होटल, रेस्तरां और पर्यटन सेक्टर के लिए 20 प्रतिशत कोटा तय किया गया है, जिससे उद्योगों को अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अधिकारियों के साथ एक बैठक ली और इसके बाद ये फैसला आया है।

पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग पर तनाव बढ़ गया है जिससे भारत की एलपीजी आयात आपूर्ति बाधित हुई है। यह समुद्री मार्ग तेल और गैस सहित ऊर्जा शिपमेंट के लिए एक मुख्य चैनल है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है और मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर हमारे यहां भी दिखाई दे रहा है।

केंद्र सरकार ने कमर्शियल सेक्टर के लिए बीस प्रतिशत कोटा तय किया

देशभर में गैस सिलेंडर के लिए मारामारी के बीच केंद्र सरकार ने कमर्शियल सेक्टर को राहत दी है। होटल, रेस्तरां और पर्यटन सेक्टर के लिए कमर्शियल एलपीजी सप्लाई में 20 प्रतिशत कोटा तय किया गया है। इस फैसले से उद्योगों को अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि ये सुविधा सिर्फ रजिस्टर्ड होटल, रेस्तरां और जरूरी कमर्शियल सेक्टर को ही मिलेगी। उन्हें उनकी औसत मासिक मांग का 20 प्रतिशत सिलेंडर दिया जाएगा।

नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने की थी मांग 

दरअसल नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हरदीप पुरी को पत्र लिखा था कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से लाखों रेस्तरां बंद हो सकते हैं। एसोसिएशन ने रेस्तरां उद्योग को “आवश्यक सेवा” घोषित करने और रोजाना कम से कम 1-2 सिलेंडर देने की मांग की थी। NRAI के अनुसार, देशभर में उनके 5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड रेस्तरां हैं जिनका टर्नओवर लगभग 5.7 लाख करोड़ रुपये है और ये 80 लाख से अधिक रोजगार देते हैं।

इस संकट के कारण भारत के कई शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य व्यवसायों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई मिलने में देरी या कमी का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू सिलेंडरों के विपरीत, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता में दिक्कत से कई रेस्तरां कामकाज सीमित कर रहे हैं, मेन्यू बदल रहे हैं और कई बंद होने की कगार पर आ हैं। हालांकि अब सरकार के इस फैसले से कमर्शियल सेक्टर को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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