प्रयागराज: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े यौन शोषण के आरोपों के मामले में प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई टल गई। अलविदा नमाज के कारण अदालत न बैठने के चलते यह सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय की गई है। इस दिन वादी स्वामी मुकुंदानंद गिरी का अदालत में बयान दर्ज किया जा सकता है।
यह मामला शंकराचार्य की ओर से दाखिल की गई एक अर्जी से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को रद्द करने की मांग की है। शुक्रवार को स्पेशल जज पॉक्सो विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में दोपहर 2 बजे इस पर सुनवाई होनी थी। शंकराचार्य के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी अपनी लीगल टीम के साथ अदालत पहुंचे थे, लेकिन सुनवाई टल गई।
क्या हैं आरोप और क्यों दाखिल हुई अर्जी?
दरअसल, आशुतोष ब्रह्मचारी नामक व्यक्ति ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दो नाबालिग बटुकों के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। इसी आरोप के आधार पर 21 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट ने ही झूंसी थाना पुलिस को शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसी आदेश और आरोपों के खिलाफ शंकराचार्य पक्ष की ओर से पॉक्सो कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की गई है। इस अर्जी में आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताते हुए उन्हें रद्द करने की मांग की गई है।
“जहां तक मेरे गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेरे विदेश भागने के आरोपों का सवाल है, दंडी संन्यासी परंपरा में विदेश जाना प्रतिबंधित है। न तो गुरु जी का और न ही मेरा पासपोर्ट और वीजा बना है।”- स्वामी मुकुंदानंद गिरी
‘कानूनी टीम देगी अदालत में जवाब’
अदालत पहुंचे स्वामी मुकुंदानंद गिरी ने मीडिया से बातचीत में सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ट्रेन में हमले और डॉ. स्वाति अघोरी के फेसबुक अकाउंट से जुड़े मामले भी फर्जी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लीगल टीम पूरे मामले को देख रही है और अदालत में कानूनी रूप से ही इसका जवाब दिया जाएगा। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. पी एन मिश्रा, अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और लीगल टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
स्वामी मुकुंदानंद ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में गौ हत्या को बंद कराने के लिए उनका और उनके गुरु का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने याद दिलाया कि उनके गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल ही में लखनऊ से गौ हत्या बंद करने के अभियान का शंखनाद किया था।





