मूकबधिर यात्रियों को स्टेशन पर ट्रेनों की अपडेट सही तरह से मिल सके। इसके लिए रेलवे ने एक अनोखी पहल की है। दरअसल, रेलवे द्वारा इन लोगों को सांकेतिक भाषा ट्रेन सूचना प्रणाली के तहत ट्रेनों से संबंधित सूचना दी जाएगी। इस सुविधा के शुरू होने से इन यात्रियों को काफी फायदा होगा।
मूकबधिर यात्रियों को सांकेतिक भाषा के तहत सूचना देने की ये पहल केवल घोषणा नहीं है बल्कि इसे अमल में लाना भी शुरू कर दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने इसकी शुरुआत कर दी है। इसके जरिए बड़ी स्क्रीन पर सांकेतिक भाषा के जरिए ट्रेन के आवागमन के संबंध में जानकारी दिखाई जा रही है।
लखनऊ मंडल ने शुरू की सुविधा
लखनऊ मंडल के बादशाह नगर रेलवे स्टेशन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सांकेतिक भाषा ट्रेन सूचना प्रणाली की शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत श्रवण बाधित यात्रियों को ट्रेनों के आने जाने, प्लेटफार्म परिवर्तन और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की जानकारी एलईडी स्क्रीन पर मिल जाएगी। इस तरह की सुविधा जल्दी गोरखपुर में शुरू करने की तैयारी है।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बादशाह नगर स्टेशन पर भारतीय रेलवे में सर्वप्रथम श्रवण बाधित यात्रियों के लिए ‘सांकेतिक भाषा ट्रेन सूचना प्रणाली’शुरू की है।
AI आधारित यह प्रणाली ट्रेन आवागमन संबंधी लाइव घोषणाओं को साइन लैंग्वेज में LED स्क्रीन पर प्रदर्शित करेगी ।@RailMinIndia pic.twitter.com/Xw5a7pJVtI— DRM LUCKNOW NER (@drmljn) July 7, 2026
यात्रियों को होगी सुविधा
रेलवे स्टेशन पर अब तक होने वाली घोषणाएं सुनने वाले यात्रियों के ही काम आती थी। लेकिन अब नई तकनीक के जरिए यही घोषणाएं सांकेतिक भाषा में बदलकर स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। इससे मूक बधिर यात्रियों को सूचना के लिए किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। वह यात्रा से चिड़िया आवश्यक सूचनाओं खुद समझ सकेंगे। रेलवे की ये प्रणाली वास्तविक समय यानी रियल टाइम ऑडियो घोषणाओं को सांकेतिक भाषा में बदलने वाली है।
परिक्षण के बाद हुई लागू
इस प्रणाली का विकास लखनऊ मंडल के सिग्नल एवं दोष संचार विभाग में मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर वैभव श्रीवास्तव के निर्देशन में किया है। अधिकारियों के मुताबिक 2 महीने तक इस तकनीक का सफल तरीके से परीक्षण किया गया। नोएडा स्थित मूक बधिर संस्था के प्रतिनिधियों और चार प्रमाणित सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर ने भी इसका परीक्षण किया। सफल परीक्षण के बाद इस बादशाह नगर स्टेशन पर शुरू कर दिया गया है।






