हरदोई: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में आयोजित एक जनसभा में अपनी राजनीतिक स्थिति और अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। माधवगंज कस्बे में हाईवे के किनारे हुई इस सभा में उन्होंने कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से न तो बैर है और न ही मित्रता, वे केवल उस दल का समर्थन करेंगे जो गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने का संकल्प लेगा।

श्रद्धालुओं द्वारा फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत के बीच शंकराचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि उनका यह अभियान पूरी तरह से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि वे इस मांग के लिए सीधे मतदाताओं के बीच जाकर जनसमर्थन जुटा रहे हैं, क्योंकि अब तक किसी भी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

‘कहां गईं 20 लाख गायें?’

शंकराचार्य ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले केवल दो वर्षों में लगभग 20 लाख गायें गायब हो गई हैं, जिसका कोई हिसाब नहीं है। उन्होंने सवाल किया, “सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए कि गायें आखिर कहां जा रही हैं।”

“भाजपा हमारी दुश्मन नहीं है, लेकिन अन्य राजनीतिक दल भी हमारे मित्र नहीं हैं। जो भी गौ माता की रक्षा और उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने की बात करेगा, हम उसी का समर्थन करेंगे।”- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

उन्होंने देश में मवेशियों की हत्या पर भी चिंता जताते हुए कहा कि अब तक लगभग 16 करोड़ मवेशियों की हत्या हो चुकी है। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश की गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर भी ध्यान आकर्षित किया और कहा कि कई जगहों पर गायें भूख-प्यास से तड़प रही हैं।

योगी की मां पर टिप्पणी की निंदा

अपने संबोधन के दौरान शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के खिलाफ एक मौलाना द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणी की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय के व्यक्ति को किसी की मां के बारे में अभद्र टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ की मां भी हमारी और आप सबकी मां के समान हैं।” शंकराचार्य ने अपने शंकराचार्य होने से जुड़े एक विवाद पर भी बात की और कहा कि उन्होंने इससे संबंधित सभी प्रमाण सरकार को सौंप दिए हैं। उन्होंने अंत में लोगों से अपील की कि वे भविष्य में ऐसी सरकार चुनें जो गौ माता की रक्षा का संकल्प ले।