उत्तर प्रदेश में डिजिटल बुनियादी ढांचे और रोजगार, दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एमओयू साइन हुआ। इस पहल का केंद्र बिंदु है-गांवों तक तेज इंटरनेट, स्थानीय स्तर पर डिजिटल सेवाओं का विस्तार और तकनीक आधारित रोजगार।
सरकार ने अगले 2 से 3 वर्षों में 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। आधिकारिक आकलन के मुताबिक इससे लगभग एक करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है। पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में विकसित किया जाएगा, और इनमें करीब 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने की योजना है।
“आज का यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”- सुरेश कुमार खन्ना, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री
कार्यक्रम में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि पहले तकनीक के क्षेत्र में पिछड़ने की वजह से भारत को विकासशील नजरिये से देखा जाता था, लेकिन पिछले एक दशक में देश और खासकर उत्तर प्रदेश में बदलाव ने यह धारणा बदली है। उनके अनुसार सबसे बड़ी जरूरत रोजगार सृजन की है और तकनीक के जरिए मिलने वाला रोजगार अधिक प्रभावी व टिकाऊ होता है।
डिजिटल पहुंच के साथ रोजगार और उद्यमिता पर जोर
प्रोजेक्ट गंगा (Government Assisted Network for Growth and Advancement) के तहत ब्रॉडबैंड विस्तार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से ऑनलाइन कारोबार, ई-गवर्नेंस सेवाएं, दूरस्थ शिक्षा और डिजिटल हेल्थ सेवाओं की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस मॉडल से गांवों में सेवा-आधारित माइक्रो-उद्यम भी बनेंगे, जहां प्रशिक्षित युवा स्थानीय स्तर पर डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गांव-गांव ब्रॉडबैंड पहुंचाने पर लगातार काम हो रहा है। युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहायता तंत्र भी जोड़ा गया है। जनवरी 2024 में शुरू योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराया जा रहा है, और इसका लाभ एक लाख से अधिक लोग ले चुके हैं। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी भाषा को अधिक जगह देने की बात भी रखी, ताकि प्रदेश के ज्यादा लोग डिजिटल सेवाओं से व्यावहारिक रूप से जुड़ सकें।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन: डिजिटल हाईवे अब विकास का निर्णायक कारक
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी ज्यादा हो गया है। उनके अनुसार यह पहल डिजिटल डिवाइड के साथ संभावित एआई डिवाइड को भी कम करने में मदद कर सकती है। इस एमओयू के जरिए गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की रूपरेखा तैयार हुई है।
“डिजिटल हाईवे विकास की नई दिशा तय कर रहा है; गांवों तक कनेक्टिविटी पहुंचने से आय और कौशल दोनों के अवसर बढ़ेंगे।”- मनोज कुमार सिंह, सीईओ, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन
उन्होंने कहा कि इंटरनेट पहुंच के बाद ग्रामीण युवाओं के लिए YouTube और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से आय अर्जित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी आने की उम्मीद है। श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी नए आर्थिक अवसर खोल सकती है।
हिंदुजा ग्रुप का फोकस: युवा और महिला सशक्तीकरण
हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लिमिटेड के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज ने कहा कि परियोजना का नाम ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रतीकात्मक सोच के साथ रखा गया है- जैसे गंगा आस्था के साथ जीवन और आजीविका का आधार भी है। उनके मुताबिक इस पहल के दो प्रमुख स्तंभ युवा और महिला सशक्तीकरण हैं, और समग्र लक्ष्य प्रदेश में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख रोजगार अवसर तैयार करना है।
वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के चीफ बिजनेस ऑफिसर सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि योजना का उद्देश्य दूर-दराज के अंडर-सर्व्ड और अनसर्व्ड इलाकों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और रोजगार के नए रास्ते बनेंगे। कुल मिलाकर, सरकार और निजी क्षेत्र की यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी, कौशल और स्थानीय रोजगार के संयुक्त मॉडल के रूप में देखी जा रही है।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और ओआईएल के बीच हुआ MoU उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है।
— वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री @SureshKKhanna जी pic.twitter.com/8tSPw3kL8g
— Government of UP (@UPGovt) March 9, 2026






