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कानपुर देहात में धरने के बाद अब डिप्टी सीएम पर तीखा वार, मंत्री के पति अनिल शुक्ला ने ब्रजेश पाठक को दी नसीहत

Written by:Saurabh Singh
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अनिल शुक्ला ने कहा कि जिन ब्राह्मणों की बदौलत ब्रजेश पाठक को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिली, आज वही उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
कानपुर देहात में धरने के बाद अब डिप्टी सीएम पर तीखा वार, मंत्री के पति अनिल शुक्ला ने ब्रजेश पाठक को दी नसीहत

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में बीती रात पुलिस के खिलाफ धरना देने वाले भाजपा नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति अनिल शुक्ला वारसी ने अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ब्रजेश पाठक न अपने पद से न्याय कर पा रहे हैं, न अपने समाज यानी ब्राह्मणों से।

ब्राह्मणों की अनदेखी का आरोप

अनिल शुक्ला ने कहा कि जिन ब्राह्मणों की बदौलत ब्रजेश पाठक को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिली, आज वही उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। अनिल, “धरने से पहले पाठक जी को फोन किया गया था लेकिन उनके पीए ने बात नहीं कराई। जब हम धरने पर बैठ गए तो खुद उनका फोन आया। पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं में यही चर्चा है कि ब्राह्मणों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। ब्राह्मण नाम लेते ही पुलिस का व्यवहार बदल जाता है। अगर पद मिला है तो समाज के लिए खड़े होइए।”

भोला सिंह पर भी हमला

अनिल शुक्ला ने क्षेत्रीय सांसद भोला सिंह पर भी हमला बोला। बोले, “भोला सिंह की खुद की कोई औकात नहीं है। वह सिर्फ मोदी लहर में जीते हैं। अगर मेरी पत्नी को मंत्री न बनाया गया होता तो मैं खुद चुनाव लड़ता और भोला सिंह को उनकी हैसियत दिखा देता।”

सांसद पर उठाए सवाल

इस पूरे विवाद में मंत्री प्रतिभा शुक्ला भी खुलकर सामने आईं। ‘आजतक’ से बातचीत में उन्होंने स्थानीय सांसद पर जातिवादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,

“भोला सिंह ब्राह्मण अधिकारियों को जान-बूझकर नीचा दिखाते हैं। बैठकों में अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। अधिकारी सिर्फ पैसे की बात सुनते हैं, आम जनता और कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही। डीएम साहब तो बाहर निकलते ही नहीं हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन रही है।”

फिर धरने की चेतावनी

प्रतिभा शुक्ला का आरोप है कि उनके एक कार्यकर्ता को स्थानीय इंस्पेक्टर द्वारा प्रताड़ित किया गया, जिसकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शाम तक उस इंस्पेक्टर पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं फिर से धरने पर बैठ जाऊंगी। मुख्यमंत्री गोरखपुर में थे इसलिए उनके पीएस संजय प्रसाद को फोन किया गया। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना खत्म किया गया। लेकिन अगर अब भी कुछ नहीं हुआ तो आंदोलन दोबारा होगा।

Saurabh Singh
लेखक के बारे में
राजनीति में गहरी रुचि. खबरों के विश्लेषण में तेज और राजनीतिक परिस्थितियों की समझ रखते हैं. देश-दुनिया की घटनाओं पर बारीक नजर और फिर उसे खबरों के रूप में लिखने के शौकीन हैं. View all posts by Saurabh Singh
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