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मुरलीधर का जन्मोत्सव गूंज उठा ब्रज, कन्हैया के स्वागत में दुल्हन की तरह सजी नगरी, हर दिल में उमड़ा प्रेम और भक्ति का सागर

Written by:Saurabh Singh
Published:
शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के दर्शन और पूजन करेंगे।
मुरलीधर का जन्मोत्सव गूंज उठा ब्रज, कन्हैया के स्वागत में दुल्हन की तरह सजी नगरी, हर दिल में उमड़ा प्रेम और भक्ति का सागर

ब्रज की गलियों में “श्रीकृष्ण गोविंद, हरे मुरारी…” की मधुर धुन गूंज रही है, और हर ब्रजवासी भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव के उत्साह में डूबा है। पूरा ब्रज दुल्हन की तरह सजा है, जहां रंग-बिरंगे कपड़ों और रोशनी से चौराहे जगमगा रहे हैं। शनिवार को होने वाले कान्हा के प्राकट्योत्सव का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु वृंदावन और मथुरा पहुंच चुके हैं। ब्रजवासियों ने भक्तों के स्वागत की पूरी तैयारी की है, और सड़कों पर उत्सव का माहौल छाया हुआ है।

शनिवार मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। जन्मस्थान को 221 किलो चांदी की परत और पुष्प बंगले से सजाया गया है, जहां ठाकुरजी इंद्रधनुषी रंगों की रेशम, जरी और रत्नों से सुसज्जित पोशाक धारण करेंगे। मां योगमाया मंदिर में 51 किलोग्राम चांदी से सिंहासन, अस्त्र-शस्त्र और पादुकाएं तैयार की गई हैं। शुक्रवार से ही लाखों श्रद्धालु जन्मस्थान पहुंच रहे हैं, और हर रास्ते पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।

 आदित्यनाथ करेंगे दर्शन, परियोजनाओं का लोकार्पण

शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के दर्शन और पूजन करेंगे। सुबह 11:25 बजे हेलीकॉप्टर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद, वह कार से जन्मस्थान जाएंगे। यहां श्रद्धालुओं को संबोधित करने के साथ ही वह साधु-संतों का सम्मान करेंगे और विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में गोवर्धन पर्वत पर बनी डाक्यूमेंट्री का प्रस्तुतीकरण भी होगा।

शोभायात्रा में जीवंत हुई ब्रज की संस्कृति

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली शोभायात्रा के साथ हुई। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने ढोल बजाकर इसका शुभारंभ किया। शोभायात्रा में लोक कलाकारों ने ब्रज की संस्कृति को जीवंत करते हुए कृष्ण लीलाओं की झांकियां प्रस्तुत कीं। संकीर्तन करती टोलियों के साथ श्रद्धालु भी कृष्ण भक्ति में डूब गए। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः जन्मस्थान पहुंची, जिसने उत्सव के रंग को और गाढ़ा कर दिया।