उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को लेकर अपने हालिया बयान से पूरी तरह पलटी मार ली है। एक सप्ताह पहले उन्होंने रालोद को ‘पट्टपांव पार्टी’ करार देते हुए कहा था कि यह जिसके साथ गई, उसी का सूपड़ा साफ कर दिया। इस बयान पर रालोद नेताओं ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद अब मंत्री ने नया रुख अपनाते हुए रालोद और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि रालोद और भाजपा ने मिलकर काम किया है और आगे भी सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे।

चौधरी लक्ष्मीनारायण ने हाल ही में अपने सहयोगी दल रालोद पर तंज कसते हुए कहा था कि यह पार्टी जिसके साथ जाती है, उसका नुकसान कर देती है। इस बयान पर भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली, लेकिन रालोद नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। रालोद नेता और पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह ने कहा कि चौधरी का पूरा राजनीतिक वजूद रालोद की देन है और सरकार को उन्हें मंत्री पद से हटा देना चाहिए। रालोद नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस बयान पर आपत्ति दर्ज की, जिसके बाद चौधरी दबाव में आ गए।

चौधरी चरण सिंह को आदर्श बताकर की तारीफ

अपने ताजा बयान में चौधरी लक्ष्मीनारायण ने रालोद के संस्थापक चौधरी चरण सिंह को अपना आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने चरण सिंह की पाठशाला में राजनीति सीखी और उनके घर-कार्यालय में 25 साल से उनकी तस्वीर लगी है। स्वयं को भाजपा का अनुशासित सिपाही बताते हुए उन्होंने कहा कि रालोद और भाजपा देश व प्रदेश के हित में सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी दल या नेता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

दबाव में मांगी माफी: ठाकुर तेजपाल सिंह

चौधरी लक्ष्मीनारायण के बदले सुर पर रालोद नेता ठाकुर तेजपाल सिंह ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि रालोद के समर्थन वापसी की चेतावनी के बाद दिल्ली से लखनऊ और मथुरा तक दबाव पड़ा, जिसके चलते चौधरी को माफी मांगनी पड़ी। तेजपाल सिंह ने दावा किया कि मंत्री पद से हटाने की तैयारी थी, इसलिए चौधरी ने रालोद और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष से माफी मांगी। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि छाता की जनता से इस अपमान के लिए कौन माफी मांगेगा। उन्होंने कहा कि इस बार जनता चौधरी को जवाब देगी।