प्रयागराज में माघ मेला के चौथे प्रमुख स्नान पर्व बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बसंत पंचमी स्नान पर्व में 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से माघ मेले में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना है। इसकी जानकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।
बता दें कि चौथे मुख्य स्नान पर्व पर शुक्रवार को प्रयागराज माघ मेले में भक्तों का जनसैलाब दिखाई दिया। संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर शहरियों के अतिरिक्त संतों और महात्माओं सहित देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई।
माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कर चुके स्नान
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि बसंत पंचमी में पुण्य स्नान के इस आंकड़े ने महाकुंभ 2025 की श्रद्धालुओं की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है। उनका यह भी कहना है कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं।
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भी लगाई डुबकी
बसंत पंचमी के मुख्य पर्व पर सभी प्रमुख संतों और धर्माचार्यों ने पुण्य की डुबकी लगाई। गोवर्धन पीठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पूरी सादगी और आस्था के साथ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में पुण्य स्नान किया। इसके अलावा सभी दंडी स्वामी संतो, रामानंदी और रामानुजाचारी संतों ने भी बसंत पंचमी में गंगा और त्रिवेणी में पुण्य डुबकी लगाई।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बसंत पंचमी पर भी नहीं किया स्नान
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेले के चौथे स्नान पर्व बसंत पंचमी पर आज स्नान नहीं किया। उन्होंने कहा है कि वह मौनी अमावस्या पर शिविर से संगम स्नान के लिए निकले थे। लेकिन प्रशासन द्वारा गंगा स्नान से रोके जाने के बाद अभी तक उनके लिए मौनी अमावस्या का मुहूर्त चल रहा है।
विद्या, विवेक और चेतना के उत्सव बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सनातन संस्कृति के दिव्य आलोक से दीप्त तीर्थराज प्रयाग की पुण्यधरा पर अविरल-निर्मल त्रिवेणी संगम में आज 3.56 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।
आस्था की पुण्य डुबकी लगाने वाले समस्त पूज्य साधु-संतों,… pic.twitter.com/QiBZWWvwM2
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 23, 2026





