Hindi News

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की अयोध्या में श्रीराम यंत्र की स्‍थापना, बोलीं- हम सभी विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं

Written by:Ankita Chourdia
Published:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की पूजा-अर्चना की। इस विशेष अवसर पर उन्होंने मंदिर के दूसरे तल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 'श्रीराम यंत्र' की भी स्थापना की, इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की अयोध्या में श्रीराम यंत्र की स्‍थापना, बोलीं- हम सभी विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं

अयोध्या: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया और गर्भगृह में विराजमान रामलला के दर्शन कर उनकी आरती उतारी। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान में भी हिस्सा लिया और मंदिर के द्वितीय तल पर ‘श्रीराम यंत्र’ की विधिवत स्थापना की। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

यह राष्ट्रपति मुर्मू का रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहला अयोध्या दौरा था। उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया और दीवारों पर उकेरी गई खूबसूरत आकृतियों और शिल्पकारी का अवलोकन कर उसकी सराहना की।

क्या है श्रीराम यंत्र और इसका महत्व?

राष्ट्रपति द्वारा स्थापित किया गया श्रीराम यंत्र विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह यंत्र वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित है, जिसे देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह यंत्र अपने आसपास सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित और संचारित करने की अद्भुत क्षमता रखता है। इस विशेष यंत्र को लगभग दो साल पहले कांची कामकोटि पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज ने अयोध्या भेजा था।

यंत्र की प्रतिष्ठापना से पहले एक लंबा वैदिक अनुष्ठान चला। दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के प्रतिष्ठित आचार्यों द्वारा नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू किया गया था, जिसका समापन राष्ट्रपति द्वारा यंत्र की स्थापना के साथ हुआ।

केरल से 1000 भक्तों संग पहुंचीं ‘अम्मा’

इस ऐतिहासिक अवसर पर कई गणमान्य संत भी उपस्थित रहे। केरल की प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु मां अमृतानंदमयी, जिन्हें उनके अनुयायी ‘अम्मा’ के नाम से जानते हैं, भी इस समारोह में शामिल हुईं। वह अपने 1000 भक्तों के साथ एक विशेष ट्रेन से अयोध्या पहुंची थीं। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

यंत्र स्थापना के समय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और सदस्य गोपाल जी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। अयोध्या में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रपति मुर्मू का काफिला मथुरा के लिए रवाना हो गया, जहां उनका अन्य मंदिरों में दर्शन का कार्यक्रम है।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews