शिमला: हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि अगले छह महीनों के अंदर प्रदेश के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में डॉक्टर की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम राज्य के दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
गुरुवार को विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है। सीएम ने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टरों के तबादलों में राजनीतिक दखलअंदाजी को खत्म किया जाएगा और जरूरत के अनुसार पदों का युक्तिकरण भी होगा।
पहली बार 400 डॉक्टरों की एक साथ भर्ती
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक साथ 400 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा, “फैकल्टी को मजबूत करेंगे और नई नियुक्तियां करेंगे। 236 चिकित्सकों के इंटरव्यू चल रहे हैं।” यह कदम राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को पूरा करने में मदद करेगा।
यह घोषणा तब हुई जब स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल विपक्ष के सवालों से घिर गए थे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने सरकार के पास बेरोजगार डॉक्टरों का आंकड़ा न होने पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने खुद खड़े होकर सरकार की योजनाओं का विस्तृत ब्योरा दिया।
मेडिकल कॉलेजों का होगा कायाकल्प
सीएम सुक्खू ने स्वीकार किया कि आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज को छोड़कर बाकी मेडिकल कॉलेज फैकल्टी की कमी के कारण सिर्फ नाम के रह गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मेडिकल कॉलेज को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें मजबूत किया जाएगा।
“अगले छह महीनों में मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करेंगे। एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के नियुक्ति के नियमों को सरल कर रहे हैं। सरकार पीजी सीटों को भी डबल कर रही है।”- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
इसके अलावा, सरकार लगभग 3000 करोड़ रुपये के विश्वस्तरीय मेडिकल उपकरण खरीद रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह खरीद पूरी पारदर्शिता के साथ दुनिया की ‘ए क्लास’ कंपनियों से की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ये मशीनें एम्स दिल्ली के लिए खरीदी गई मशीनों की तुलना में लगभग एक करोड़ रुपये कम कीमत पर खरीदी गई हैं। यह जानकारी उन्होंने विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज में मशीनरी पर हुए खर्च के सवाल पर दी।
किसानों से धोखाधड़ी पर भी सख्त सरकार
सदन में कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा ने निजी कंपनियों द्वारा किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद ही कार्रवाई होती है। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि आपसी अनुबंध के मामलों में सरकार का सीधा हस्तक्षेप सीमित होता है, लेकिन जहां भी ठगी की शिकायत और एफआईआर दर्ज होती है, वहां कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।






