हजारीबाग: जिले के जोरदाग झुमरी टांड़ इलाके में गुरुवार को उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के घर को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया। यह बड़ी कार्रवाई नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) द्वारा चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर यह मकान बना था, वह खनन कार्य के लिए पहले ही एनटीपीसी को आवंटित की जा चुकी थी। गुरुवार सुबह एनटीपीसी की टीम पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ मौके पर पहुंची। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी गई, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम क्यों थे?
प्रशासन ने इस कार्रवाई को लेकर बेहद सतर्कता बरती। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले योगेंद्र साव ने कंपनी और उसके कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और उनका रवैया काफी आक्रामक था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति को संवेदनशील माना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो।
ध्वस्तीकरण के बाद इलाके में तनाव
जैसे ही घर को गिराया गया, मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मजदूर जमा हो गए, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह भूमि कंपनी को खनन के लिए आवंटित है और अवैध निर्माण को हटाया गया है।
वहीं, इस पूरी घटना पर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सीधे तौर पर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला। साव ने आरोप लगाया कि झारखंड में गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार उनके हितों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि जनता सरकार की इन नीतियों को देख रही है और सही समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।






