नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में पिछले 24 दिनों से जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में देश को संबोधित करते हुए ऊर्जा सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर सरकार की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार तेल और गैस का संकट पैदा नहीं होने देगी और इस स्थिति का फायदा उठाने वाले जमाखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं और भारत लगातार सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत की संसद से दुनिया में एकमत और एकजुट आवाज जानी चाहिए।
एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पीएम मोदी ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय समुदाय को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं। इसके अलावा, उस क्षेत्र में चलने वाले व्यापारिक जहाजों पर भी बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य होते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि संकट शुरू होते ही युद्ध प्रभावित देशों में 24×7 हेल्पलाइन शुरू की गई थी। अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी हो चुकी है।
“मैंने व्यक्तिगत रूप से पश्चिम एशिया के प्रमुखों से बात की है और सभी से तनाव कम करने की अपील की है। व्यापारिक जहाजों पर हमला या किसी भी तरह की रुकावट अस्वीकार्य है।”- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार लगातार वहां फंसे भारतीयों के परिवारों के संपर्क में है और घायलों के इलाज समेत हर संभव मदद मुहैया करा रही है।
तेल संकट से निपटने की बहुस्तरीय रणनीति
ऊर्जा संकट की आशंकाओं पर पीएम मोदी ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति अपनाई गई है।
- आयात का विविधीकरण: संकट को देखते हुए, जहां पहले 27 देशों से तेल आयात किया जाता था, अब यह संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है।
- आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क: सरकार लगातार विभिन्न देशों के तेल और गैस आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में है ताकि आपूर्ति श्रृंखला बनी रहे।
- विशेष निगरानी समूह: एक विशेष समूह का गठन किया गया है जो प्रतिदिन आयात-निर्यात की स्थिति की समीक्षा करता है और आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए काम करता है।
जमाखोरों और अफवाहों पर कड़ी चेतावनी
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि जैसे हमने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का सामना किया, वैसे ही इस चुनौती से भी निपटना है। उन्होंने अफवाहों और गलत खबरों पर ध्यान न देने की सलाह दी।
पीएम ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “ऐसे संकट के समय में जो लोग मुनाफाखोरी का प्रयास करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। मैंने सभी राज्य सरकारों को ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।” इससे पहले रविवार को भी प्रधानमंत्री ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स की समीक्षा की थी।
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/BIrR385m4O
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026






