अप्रैल से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को खुशखबरी मिल सकती है। जनवरी 2026 से बढ़ने वाले महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। खबर है कि रामनवमी या हनुमान जयंती से पहले केंद्र की मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की नई दरों का ऐलान कर सकती है। इसका लाभ करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनर्स को मिलने की उम्मीद है।
58% से बढ़कर 60% होगा महंगाई भत्ता
श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी होना निश्चित माना जा रहा है। चुंकी दिसंबर 2025 में सूचकांक 148.2 अंक पर स्थिर रहा था, जिसके आधार पर गणना करने पर महंगाई भत्ते का स्कोर 60.33% बैठता है, लेकिन महंगाई भत्ते की गणना दशमलव के बाद के अंक को छोड़कर की जाती है ऐसे में कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% होने की उम्मीद है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ते (जो जुलाई 2025 से प्रभावी है) का लाभ मिल रहा है।
जल्द कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव?
कयास लगाए जा रहे हैं कि महंगाई भत्ते में वृद्धि का प्रस्ताव 25 मार्च या 1 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में हो सकता है। यहां से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे। चुंकी नई दरें जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी ऐसे में जनवरी व फरवरी का एरियर मार्च या अप्रैल के वेतन के साथ मिलने की संभावना है। यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद पहली समीक्षा होगी। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से डीए/डीआर वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।
जानिए किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?
महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी से अलग-अलग वेतन स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा।
- यदि कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उन्हें वर्तमान में 10,440 रुपये (58% की दर से) DA मिल रहा है। 60% होने पर यह बढ़कर 10,800 रुपये हो जाएगा, यानी हर महीने 360 रुपये की वृद्धि होगी।
- यदि बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है और 58% DA पर 31,600 रुपए मिलते हैं तो 60% DA होने पर वेतन में हर माह 400 रुपए का इजाफा होगा और 32,000 रुपए मिल सकते हैं।
- 40,000 बेसिक सैलरी वालों के वेतन में हर माह 800 रुपए का इजाफा होगा और 63,200 की जगह 64,000 रुपए मिलेंगे। बेसिक सैलरी 50,000 है तो 79,000 की जगह 80,000 रुपए मिलने की उम्मीद है।
- 60,000 बेसिक सैलरी वालों को 94,800 की जगह 96,000, 80,000 वालों को 1,26,400 की जगह 1,28,000 और 1,00,000 लाख सैलरी वालों को 1,58,000 की जगह 1,60,000 मिल सकते हैं।
कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना?
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]






