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क्यों खास है 23 मार्च? जानिए भारत में कितनी बार मनाया जाता है शहीद दिवस

Written by:Bhawna Choubey
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शहीद दिवस 2026 पर देशभर में शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी जा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में साल में तीन बार शहीद दिवस मनाया जाता है? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी।
क्यों खास है 23 मार्च? जानिए भारत में कितनी बार मनाया जाता है शहीद दिवस

भारत की आजादी हमें यूं ही नहीं मिली। इसके पीछे हजारों-लाखों वीरों का बलिदान छिपा है, जिन्होंने अपने सपनों से पहले देश को रखा। जब हम आज खुलकर सांस लेते हैं, तो कहीं न कहीं उन शहीदों का त्याग हमारी हर सांस में शामिल होता है। यही वजह है कि हर साल शहीद दिवस हमें उन वीरों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमा।

23 मार्च का दिन खास तौर पर दिल को छू जाता है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि साहस, देशभक्ति और बलिदान की मिसाल है। इस दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी दी थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में सिर्फ 23 मार्च ही नहीं, बल्कि साल में तीन बार शहीद दिवस मनाया जाता है।

23 मार्च शहीद दिवस: क्यों है इतना खास?

23 मार्च का शहीद दिवस भारत के इतिहास का एक ऐसा दिन है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। साल 1931 में इसी दिन लाहौर जेल में तीन युवा क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी।

इन तीनों ने अपनी छोटी सी उम्र में ही देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। भगत सिंह मात्र 23 साल के थे, जबकि राजगुरु और सुखदेव भी 24 साल के आसपास थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई और यह साबित किया कि आजादी के लिए किसी भी हद तक जाया जा सकता है।

आज भी जब शहीद दिवस 23 मार्च आता है, तो पूरे देश में श्रद्धांजलि सभाएं, कार्यक्रम और रैलियां आयोजित की जाती हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में इन वीरों को याद किया जाता है।

30 जनवरी शहीद दिवस

भारत में पहला शहीद दिवस 30 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है। साल 1948 में इसी दिन महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। गांधी जी ने अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनका जीवन और उनका बलिदान आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

30 जनवरी को पूरे देश में दो मिनट का मौन रखा जाता है। सरकारी कार्यक्रम होते हैं और गांधी जी को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह शहीद दिवस हमें शांति और एकता का संदेश देता है।

21 अक्टूबर शहीद दिवस

साल का तीसरा शहीद दिवस 21 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसे पुलिस स्मृति दिवस भी कहा जाता है।
1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सेना ने हमला किया था, जिसमें 10 भारतीय पुलिस जवान शहीद हो गए थे। तब से हर साल इस दिन उन पुलिसकर्मियों को याद किया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान दे दी।

शहीद दिवस का महत्व

शहीद दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि यह हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है। यह हमें याद दिलाता है कि आजादी की कीमत क्या होती है।

आज की युवा पीढ़ी के लिए यह दिन खास मायने रखता है। यह उन्हें देशभक्ति, साहस और जिम्मेदारी का एहसास कराता है। जब हम इन शहीदों की कहानियां सुनते हैं, तो हमें समझ आता है कि देश के लिए जीना और मरना क्या होता है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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