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कमलनाथ ने LPG संकट पर सरकार को घेरा, कहा “इंदौर में चार हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट ढाबे बंद”, पूछा- समाधान कब मिलेगा

Written by:Shruty Kushwaha
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उन्होंने सवाल उठाया कि इस संकट की पहले से जानकारी क्यों नहीं थी और सप्लाई चेन क्यों फेल हुई। पूर्व सीएम ने कहा कि इस किल्लत से छोटे व्यापारियों के साथ लाखों लोग जो इन होटलों और दुकानों पर निर्भर हैं, उनका जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
कमलनाथ ने LPG संकट पर सरकार को घेरा, कहा “इंदौर में चार हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट ढाबे बंद”, पूछा- समाधान कब मिलेगा

Kamal Nath

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में कमर्शियल LPG की किल्लत को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कहा है कि यह अब सिर्फ प्रशासनिक समस्या नहीं रह गई है, बल्कि सरकार की विफलता का स्पष्ट उदाहरण बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर और आसपास के इलाकों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि 4 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट, ढाबे और खानपान से जुड़े व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि “जिस शहर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खानपान और छोटे व्यापारियों पर टिका हो, वहां गैस जैसी बुनियादी जरूरत का संकट पैदा होना सीधी लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण है।”

गैस सिलेंडर संकट पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा

कमलनाथ ने गैस सिलेंडर किल्लत पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि आखिर इस संकट की पहले से जानकारी क्यों नहीं थी..या फिर इसे नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहना है कि इंदौर में छोटे दुकानदार, ठेले संचालक और कैंटीन चलाने वाले रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं, जिनके लिए एक दिन का काम बंद होना भी भारी नुकसान है। मौजूदा स्थिति में सिलेंडर खत्म हो रहे हैं, विकल्प महंगे हो गए हैं और सरकार सिर्फ स्थिति नियंत्रण में होने के दावे कर रही है।

पूर्व सीएम ने ने सप्लाई चेन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जहां हजारों सिलेंडर की जरूरत है, वहां आपूर्ति सैकड़ों में सिमट गई है जो पूरी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने कभी शहर की दैनिक गैस खपत का सही आकलन किया था। उन्होंने कहा इस संकट का असर सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं है बल्कि लाखों लोग जो इन होटलों और दुकानों पर निर्भर हैं, मजदूर, छात्र, बाहर से आए लोग उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। यानी यह संकट अब सामाजिक और आर्थिक दोनों रूप ले चुका है।

बीजेपी से किए सवाल

कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा है कि क्या आम आदमी और छोटे व्यापारियों की समस्याएं अब प्राथमिकता में नहीं रहीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी की सारी ऊर्जा प्रचार और इवेंट मैनेजमेंट में ही खर्च हो रही है। कमलनाथ ने कहा है कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो यह संकट और गहराएगा और इसका खामियाजा सीधे जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि सरकार जवाब दे, योजना कहां फेल हुई, जिम्मेदार कौन है और समाधान कब तक मिलेगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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