पैन कार्ड यानि परमानेंट अकाउंट नंबर (Permanent Account Number- PAN) एक दस डिजिट का नंबर होता है जो आयकर विभाग जारी करता है। पैन कार्ड एक भौतिक कार्ड है जिसमें नाम, जन्म तिथि, पिता या पति या पत्नी का नाम और फोटो होता है।
इसका उपयोग बैंकिंग, आयकर रिटर्न फाइलिंग, और अन्य वित्तीय लेन-देन में किया जाता है। 1 अप्रैल 2026 (फाइनेंशियल ईयर 2026-27) से पैन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार और आयकर विभाग, नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 (Income Tax Act 2025) के तहत इन नियमों को लागू करने की तैयारी में है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य छोटे लेन-देन को आसान बनाना और बड़े ट्रांजैक्शन पर पारदर्शिता बढ़ाना है।
जानिए अप्रैल से क्या बदलाव होने वाला है
- 1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड बनवाने के नियमों में भी बड़ा बदलाव होने वाला है। इसके तहत, PAN कार्ड बनवाने के लिए केवल आधार-आधारित आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अप्रैल से आधार के साथ-साथ जन्म तिथि (DOB) के प्रमाण सहित अन्य दस्तावेजों की भी जरूरत होगी।
- आसान शब्दों में कहें तो अगले महीने से नए आवेदन के लिए आधार के साथ-साथ जन्म तिथि का एक अलग और वैध सरकारी प्रमाण (जैसे जन्म प्रमाण पत्र या मार्कशीट) देना अनिवार्य होगा। इसके लिए आप जन्म प्रमाण पत्र, मार्कशीट, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों का उपयोग कर सकेंगे। हालांकि 31 मार्च, 2026 से पहले केवल आधार का उपयोग करके पैन कार्ड बनवाया जा सकता है।
- नए नियमों के तहत, पैन कार्ड पर नाम आपके आधार रिकॉर्ड के अनुसार रखा जाएगा। यदि आपके आधार और पुराने आवेदन में नाम अलग है, तो उसे ठीक करना होगा। विभाग नए आवेदन फॉर्म भी पेश करेगा और 1 अप्रैल के बाद पुराने फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही नए आवेदन फॉर्म जारी किए जाएंगे।
पैन कार्ड बनाने के लिए इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
- जन्म प्रमाण पत्र
- वोटर आईडी
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
- 10वीं का सर्टिफिकेट
- अन्य सरकारी दस्तावेज






