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AAP सांसद राघव चड्ढा ने संसद में उठाया मोबाइल ‘डेटा रोलओवर’ का मुद्दा, पूछा- पूरा पैसा लेकर बचा डेटा क्यों खत्म हो जाता है?

Written by:Shyam Dwivedi
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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में 'जीरो आवर' के दौरान मोबाइल डेटा से जुड़ा एक अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता पूरे महीने के डेटा का पैसा देता है, तो बचा हुआ डेटा अगले दिन के लिए क्यों नहीं जोड़ा जाता और क्यों एक्सपायर हो जाता है?
AAP सांसद राघव चड्ढा ने संसद में उठाया मोबाइल ‘डेटा रोलओवर’ का मुद्दा, पूछा- पूरा पैसा लेकर बचा डेटा क्यों खत्म हो जाता है?

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। उन्होंने ‘जीरो आवर’ के दौरान इस बात पर आपत्ति जताई कि टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स से पूरे डेटा पैक का पैसा वसूलती हैं, लेकिन दिन के अंत में बचा हुआ डेटा अगले दिन के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाता, बल्कि उसे एक्सपायर कर दिया जाता है।

चड्ढा ने इसे उपभोक्ताओं के अधिकार का हनन बताते हुए ‘डेटा रोलओवर’ की सुविधा लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सीधे तौर पर देश की जनता से जुड़ा है, जो हर दिन अपने बचे हुए डेटा को बर्बाद होते देखती है।

पेट्रोल का उदाहरण देकर समझाया

अपनी बात को सरल शब्दों में समझाने के लिए राघव चड्ढा ने एक बहुत ही व्यावहारिक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “जिस तरह से अगर कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी में महीने भर के लिए 15 लीटर पेट्रोल भरवाता है और महीने के अंत में 5 लीटर बच जाता है, तो पेट्रोल पंप का मालिक यह नहीं कहता कि बचा हुआ 5 लीटर पेट्रोल वापस कर दो। वह पेट्रोल आपका है और आप उसे जब चाहें इस्तेमाल कर सकते हैं।”

उन्होंने इसी तर्क को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ठीक इसी तरह, जब कोई यूजर डेटा पैक खरीदता है, तो उसे पूरे डेटा का इस्तेमाल करने का अधिकार मिलना चाहिए।

“आपसे पैसा तो पूरे डेटा का लिया जाता है लेकिन जितना बचा हुआ डेटा है वो कंपनियां खुद सेव कर लेती हैं। जो एक दिन के डेटा को इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं, वो अगले दिन की डेटा लिमिट में जुड़ जाना चाहिए। एक्सपायर नहीं होना चाहिए।”- राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद

दुनिया के कई देशों में है यह सुविधा

राघव चड्ढा ने सदन को बताया कि डेटा रोलओवर की सुविधा कोई नई या असंभव मांग नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों जैसे अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान करती हैं। वहां इस्तेमाल न हुआ डेटा अगले बिलिंग साइकिल में जोड़ दिया जाता है।

इसके अलावा, उन्होंने एक और मांग रखी। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम एक-दूसरे को मोबाइल से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, उसी तरह यूजर्स को आपस में मोबाइल डेटा ट्रांसफर करने की भी अनुमति मिलनी चाहिए। इससे डेटा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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