नई दिल्ली: झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगे आपातकाल को ‘कांग्रेस का काला अध्याय’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया।
उन्होंने 21 मार्च 1977 की तारीख का जिक्र करते हुए कहा कि इसी दिन देश को दमनकारी नीतियों से मुक्ति मिली थी। दुबे ने लिखा कि 20 मार्च 1977 को जनता ने गांधी परिवार के अहंकार को जमीन पर ला दिया था, जिसका परिणाम यह हुआ कि खुद इंदिरा गांधी चुनाव हार गईं।
‘कांग्रेस का काला अध्याय’ श्रृंखला के तहत लगाए आरोप
निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट में आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय देश में लाखों लोगों को बिना किसी कारण जेल में डाल दिया गया था और हजारों लोगों की पुलिस हिरासत या अत्याचार के कारण मौत हो गई थी।
दुबे ने अपने पोस्ट में लिखा, “1 करोड़ लोगों की जबरन नसबंदी कराई गई। प्रेस की स्वतंत्रता पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए और 42वें संविधान संशोधन के जरिए लोकसभा का कार्यकाल 6 साल कर दिया गया।” उन्होंने बताया कि वह ‘कांग्रेस का काला अध्याय’ नाम से एक श्रृंखला चला रहे हैं, जिसके तहत वह कांग्रेस के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उजागर कर रहे हैं।
संवैधानिक संशोधनों का किया जिक्र
अपने आरोपों को बल देने के लिए बीजेपी सांसद ने भारत के गजट की एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान किए गए संवैधानिक संशोधनों ने न्यायिक समीक्षा की शक्ति को कमजोर कर दिया था और संस्थागत संतुलन को बिगाड़ दिया था। दुबे के अनुसार, उस वक्त राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को कानूनी प्रक्रियाओं से ऊपर रखने का प्रयास किया गया था, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ था।
“यह वह दौर था जब नागरिक अधिकारों का हनन हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर पड़ीं। सत्ता के केंद्रीकरण ने संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाया और देश को गंभीर संकट में डाल दिया।”- निशिकांत दुबे (सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार)
उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर चलाए गए बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया। दुबे पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार की नीतियों को देश की मौजूदा समस्याओं की जड़ बताते रहे हैं।
कांग्रेस का काला अध्याय
5. आज ही 21 मार्च 1977 को इंदिरा गांधी जी के दमनकारी नीतियों,लोकतंत्र की हत्या तथा नागरिक अधिकार के ख़ात्मे का आपातकाल हटाया गया ।20 मार्च 1977 को जनता ने गॉंधी परिवार के अहंकार को अर्श से फर्श पर पहुंचाया,इंदिरा गांधी जी खुद का चुनाव हार गईं ।आपातकाल में… pic.twitter.com/bsWnEPAL3h— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) March 21, 2026






