केंद्र सरकार ने गुजरात के मछुआरों के हित में बड़ा कदम उठाया है। भारत पेट्रोलियम द्वारा मछली पकड़ने वाले नावों के लिए डीजल की कीमतों (Gujarat Fishing Boat Diesel Price) में की गई 22.43 रुपये की वृद्धि का फैसला वापस लिया गया है। इस बात की जानकारी शनिवार को सोशल मीडिया X पर मंत्री जीतू वघानी ने एक वीडियो साझा करते हुए दी है।
यह फैसला सरकार ने दक्षिण तट के प्रतिनिधियों की तरफ से मत्स्य पालन मंत्री जीतू भाई वघानी द्वारा केंद्र सरकार के सामने किए गए अनुरोध पर लिया गया है। इससे पहले भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने गुजरात फिशरीज सेंट्रल ऑफ कोऑपरेटिव एसोसिएशन के साथ एक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीजल के कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था। अब इस फैसले को वापस ले लिया गया है।
क्यों बढ़ी थी कीमत?
फिशिंग सेक्टर को रिटेल के बजाय उपभोक्ता श्रेणी में रखा गया था। जिससे मछुआरों के लिए प्रति लीटर डीजल की कीमत में उछाल देखने को मिला। सरकार के इस फैसले से स्थानीय मछुआरा समुदाय पर आर्थिक बोझ बढ़ा। जिसके बाद राज्य सरकार ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से दखल देने की मांग की थी। अब राज्य के मछुआरों को डीजल पहले से निर्धारित रियायती दर पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
जीतू वघानी से PM मोदी का आभार व्यक्त किया
इस फैसले को लेकर जीतू वघानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया सीएम भूपेंद्र पटेल ने पीएम मोदी के सामने यह मुद्दा उठाया था। जिसपर विचार करने के बाद वैश्विक परिस्थितियों के कारण डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि के बीच गुजरात के मछुआरों को दी जाने वाली सबसे सब्सिडी को बनाए रखने का फैसला लिया गया है। इससे मछुआरा समुदाय को राहत मिलेगी।
ગુજરાત રાજ્યના માછીમારોના હિતમાં કેન્દ્ર સરકાર દ્વારા મહત્વપૂર્ણ નિર્ણય લેવાયો છે.
વૈશ્વિક પરિસ્થિતિને કારણે ડીઝલના ભાવમાં થયેલા વધારા વચ્ચે, ગુજરાતના માછીમારોને મળતી સબસિડી યથાવત રાખવાનો મહત્વકાંક્ષી નિર્ણય માનનીય વડાપ્રધાન શ્રી નરેન્દ્રભાઈ મોદીજી ના માર્ગદર્શન હેઠળ લેવામાં… pic.twitter.com/tbdbuUCoG3
— Jitu Vaghani (@jitu_vaghani) March 21, 2026






