राम मंदिर में दान चढ़ावा चोरी के बाद से उत्तर प्रदेश से लेकर देश की सियासत में उबाल आया हुआ है, विपक्षी पार्टियों के नेता खासकर वे जो मंदिर निर्माण के बाद से आज तक दर्शन करने नहीं गए मोदी सरकार और योगी सरकार पर हमलावर हैं इन नेताओं ने अचानक खुद को सनातनी बताते हुए इसे सनातनी लोगों की आस्था पर प्रहार बताया और दान चोरी के लिए सीधे तौर पर पीएम मोदी और सीएम योगी की दोषी ठहरा दिया है लेकिन असल में वे लोग सच में दुखी हैं जिन्होंने मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण में योगदान दिया है।
राम मंदिर में दान चढ़ावा चोरी की घटना ने मंदिर के प्रति समर्पित उन कर्मचारियों, पुजारियों, आचार्यों को बहुत दुखी कर दिया है जो दिन रात रामलला की सेवा में पूरी श्रद्धा और निष्ठा से लगे रहते हैं, कुछ चंद अधर्मी, लालची और षड्यंत्रकारी लोगों के कारण उन्हें भी शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है, लोग उन्हें भी अजीब निगाहों से देख रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने प्रभु पर भरोसा है कि वे ठीक कर देंगे।
15 जुलाई से शुरू हुआ अनुष्ठान, रामलला का विशेष पूजन अर्चन
इसी भरोसे के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में एक विशेष ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान शुरू किया है। गुप्त नवरात्र के शुभारंभ पर 15 जुलाई को इस अनुष्ठान की शुरुआत की गई है, अनुष्ठान में रामलला का विशेष पूजन किया जा रहा है और उनसे वैदिक क्रियाओं के माध्यम से क्षमा मांगी जा रही है और परिसर का शुद्धिकरण कराया जाएगा। शुद्धिकरण अनुष्ठान का समापन 23 जुलाई को होगा।
70 आचार्य राम मंदिर परिसर में कर रहे शुद्धिकरण अनुष्ठान, प्रायश्चित पूजन
इस विशेष अनुष्ठान में 70 वैदिक आचार्य शामिल हैं जो वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर में किसी भी प्रकार की अशुभ या अपवित्र मानी जाने वाली घटना के बाद शुद्धिकरण और प्रायश्चित के लिए ऐसे अनुष्ठान कराए जाते हैं। ये विशेष अनुष्ठान यानि प्रायश्चित पूजन राम मंदिर के गर्भगृह, यज्ञ मंडप और परकोटा के शिव मंदिर में एक साथ कराया जा रहा है। अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, रुद्राभिषेक और रामलला का विशेष पूजन किया जा रहा है।
हम रामलला से प्रार्थना करते हैं, क्षमा मांगते हैं वे सब ठीक कर देंगे
इन अनुष्ठानों में शामिल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेन्द्र दास ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, हम रामलला से प्रार्थना करते हैं, क्षमा मांगते हैं हमें उम्मीद है वे सब कुछ ठीक कर देंगे। अभी पूजा-पाठ में कोई कमी नहीं है, पुजारी बिना किसी गलती के पूजा कर रहे हैं। कोई चूक नहीं होगी और वे अपने काम में सफल होंगे मैंने मंदिर के कर्मचारियों से बात की है। मैंने उनसे कहा कि वे रामलला की सेवा में समर्पित रहें।
दान को तुरंत जमा कर दिया जाता है, कोई देरी नहीं होती
महंत दिनेन्द्र दास ने कहा, दान पेटी में रोज़ जो दान आता है, उसका हिसाब रखा जा रहा है, जो कुछ भी मिलता है, वह सीधे दान पेटी में जाता है उसे तुरंत जमा कर दिया जाता है। इसमें कोई देरी नहीं होती उसे तुरंत भेज दिया जाता है, निगरानी व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रामलला पर पूरा भरोसा है। सच पूरी तरह से सामने आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है जो दोषी है उसे सजा जरुर मिलेगी दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।






