उद्धव ठाकरे के ‘राम रक्षा’ आंदोलन पर तीखा प्रहार करते हुए भाजपा सांसद और पूर्व प्रत्याशी नवनीत राणा ने राम मंदिर, हनुमान चालीसा और बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा को लेकर सीधे सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने उद्धव ठाकरे को अमरावती आकर हनुमानगढ़ी में साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने का खुला निमंत्रण भी दे डाला है। नवनीत राणा ने अपने बयानों में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर करारा हमला बोलते हुए उनके राजनीतिक रुख और धार्मिक आस्था पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
दरअसल अपने बयान में नवनीत राणा ने कहा कि जनाब उद्धव ठाकरे जी, जो अब सिर्फ जनाब बनकर रह गए हैं, जिस तरीके से वह आजकल राम रक्षा और हनुमान चालीसा के नारे लगवा रहे हैं और उनके आसपास उनके कार्यकर्ता भी इन्हीं नारों को दोहरा रहे हैं, इस पर मेरा उनसे एक सीधा सवाल है कि जब भगवान श्रीराम के भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक समारोह हुआ था, तब आखिर उद्धव ठाकरे जी उस पावन अवसर पर क्यों नहीं पहुंचे? यह सवाल उन्होंने सीधे उद्धव ठाकरे के सामने रखा।
हनुमान चालीसा आंदोलन का भी जिक्र किया
नवनीत राणा ने अपने पुराने हनुमान चालीसा आंदोलन का भी जिक्र किया है, उन्होंने याद दिलाया कि जब उद्धव ठाकरे जी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब राम भगवान और राम जी के सबसे बड़े भक्त हनुमान चालीसा के नाम पर उन्हें 14 दिन तक जेल में डाला गया था, उन पर देशद्रोह और राजद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वही जनाब उद्धव ठाकरे जी आज राम रक्षा नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने डूबते हुए पक्ष की रक्षा करने के लिए बाहर निकले हैं।
सारे विधायक और सांसद उन्हें छोड़कर चले गए: नवनीत राणा
राणा ने आगे बढ़ते हुए कहा कि जब उनका पक्ष पूरी तरह से बर्बाद हो गया, सारे विधायक और सांसद उन्हें छोड़कर चले गए और उनके पास सिर्फ वह खुद और उनका बेटा ही बचे, तब जाकर उन्हें राम रक्षा की याद आई है। इसीलिए मैं जनाब उद्धव ठाकरे जी को अमरावती आने का निमंत्रण देती हूँ, हनुमानगढ़ी पर उनका स्वागत भी किया जाएगा और हम सब साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी करेंगे, यह निमंत्रण नवनीत राणा ने खुले तौर पर दिया है।
इसके बाद नवनीत राणा ने एक और तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जनाब उद्धव ठाकरे जी ने बालासाहेब ठाकरे जी के विचारों को तो कब का त्याग दिया है, और जब उनका पक्ष बर्बाद हो गया, तब जाकर उन्हें राम जी और हनुमान जी की याद आई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुझे तो ऐसा लगता है कि जनाब उद्धव ठाकरे जी के नाम के आगे से ‘जनाब’ शब्द हटने के लिए शायद उन्हें अगला जन्म लेना पड़ेगा, यह बयान उन्होंने उद्धव ठाकरे की वर्तमान स्थिति पर दिया।
मूल विचारधारा से दूर होने का गंभीर आरोप लगाया
भाजपा नेता नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर अपनी मूल विचारधारा से दूर होने का गंभीर आरोप लगाया है, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जनाब उद्धव ठाकरे जी, जो आज अपने पक्ष को बचाने के लिए बाहर निकले हैं, अगर इससे पहले वह पूरे महाराष्ट्र में अपने विचारों के लिए घूमते और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़े रहते, तो आज उद्धव ठाकरे जी के नाम के आगे ‘जनाब’ नहीं लगता और न ही उनका पक्ष बर्बाद होता, न उनका परिवार टूटता, न उनके विधायक उन्हें छोड़कर जाते और न ही उनके सांसद उन्हें अकेला छोड़ते।
नवनीत राणा ने आगे कहा कि जब घर का अपना व्यक्ति ही विश्वास दिखाना बंद कर देता है, तब यह स्पष्ट हो जाता है कि अब आप वह उद्धव ठाकरे जी नहीं रहे, जो विचारधारा बालासाहेब ठाकरे जी ने उन्हें दी थी, आज वह उससे पूरी तरह से दूर हो चुके हैं, और इसी कारण उन्हें आज राम जी की याद आई है, यह बात उन्होंने उद्धव ठाकरे के राजनीतिक पतन पर जोर देते हुए कही।






