अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा और जमीन खरीद विवाद की जांच अब तेज हो गई है। दरअसल विशेष जांच दल (SIT) लगातार दो दिन तक अयोध्या में मौजूद रहा और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी जुटाई। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ लोगों से पूछताछ की गई और जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। हालांकि अभी तक जांच एजेंसी की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
दरअसल जांच के पहले दिन अधिकारियों ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों से बातचीत की और जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी ली। इसके अलावा पुलिस की ओर से संभावित गवाहों के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई। दूसरे दिन भी SIT के अधिकारी करीब छह घंटे तक मंदिर परिसर और संबंधित स्थानों पर मौजूद रहे। जांच पूरी करने के बाद टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई। इस दौरान अयोध्या में इस मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर लगातार बयान सामने आते रहे, जिससे पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।
जांच के घेरे में दान व्यवस्था
वहीं सूत्रों के अनुसार जांच केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर से जुड़ी जमीन खरीद, दस्तावेजों और वित्तीय प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संत धर्मदास ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल उन्होंने दावा किया कि मंदिर से जुड़ी जमीन भगवान के नाम पर नहीं बल्कि ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच एजेंसी सहयोग मांगेगी तो वह उपलब्ध जानकारी साझा करेंगे। हालांकि इन आरोपों की अभी किसी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन दावों को जांच पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
पहले से बेहतर हुई दान की व्यवस्था?
दूसरी ओर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य दिनेन्द्र दास ने कहा कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बदलाव के बावजूद दान की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। इस बीच जांच एजेंसियां दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
वहीं इस मामले को लेकर बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईटी गंभीर मामलों की जांच करती है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि दोषी चाहे कोई भी हो, कानून के दायरे में कार्रवाई होना जरूरी है।






